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एक ज़रूरी बचाव, लेकिन क्या लोग ऊब गए हैं?1930 की चेतावनी और पकते कान: साइबर सतर्कता या शोरगुल?

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साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन ठगी से बचाव की चेतावनियाँ इतनी बार सुनाई देने लगी हैं कि लोग अब इनसे ऊबने लगे हैं। बैंक,...
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क्रांति और समाजवाद के मसीहा थे मैक्सिम गोर्की।

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RKTV NEWS/ प्रो डा जंग बहादुर पाण्डेय ,31 मार्च।रूस के महान समाजवादी लेखक और साहित्यकार मैक्सिम गोर्की का जन्म 28 मार्च 1868 को हुआ था।...
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जल संकट का समाधान: परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम।

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जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों को मिलाकर जल संकट से बचा जा सकता है। भारत में जल संरक्षण का...
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दोहरे मापदंड! कर्मचारी परेशान, सांसद मालामाल।

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महंगाई में पिसते कर्मचारी, राहत में नहाते सांसद: 2% बनाम 24% का गणित! RKTV NEWS/प्रियंका सौरभ 29 मार्च।सरकार ने जहां सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते...
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घोर कलयुग की दस्तक : नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते।

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समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता...
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जनसंख्या नियंत्रण के लिए राज्यों को दंडित किया जाना अनुचित।

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RKTV NEWS/(परिसीमन पर विपक्षी दलों की बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन का भाषण, अनुवाद : संजय पराते)29 मार्च।यहाँ उपस्थित विभिन्न राज्यों के माननीय...
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क्या सचमुच सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा?

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समय के साथ परिधान और समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले “दामन” केवल वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कृति का प्रतीक...
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एक ही सांचे में ढला है संस्कृत की बेहाली और बहाली का कांड।

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RKTV NEWS/आलेख : बादल सरोज 28 मार्च।हाल में उर्दू पर चले विमर्श में कुछ टिप्पणियाँ संस्कृत को लेकर भी आयीं हैं। हालांकि भाषाओं के बीच...
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न्यायपूर्ण परिसीमन की लड़ाई!

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RKTV NEWS/आलेख : राजेंद्र शर्मा,27 मार्च।हैरानी की बात नहीं है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी करनियों और अकरनियों से इस देश की राजनीतिक व्यवस्था...
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संवेदनहीन न्याय?बार-बार समाज को झकझोरते सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले।

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क्या हमारी न्याय प्रणाली यौन अपराधों के मामलों में और अधिक संवेदनशील हो सकती है? या फिर ऐसे सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले बार-बार समाज को झकझोरते...