
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 फ़रवरी।शहर की प्रमुख समस्याओं में यातायात की समस्या एक दिन की नहीं बल्कि प्रतिदिन की समस्या बन गई है। इस संबंध में अनेकों बार अनेक प्रस्ताव, सरकार का, नगर निगम का ,बुद्धिजीवियों का जन प्रतिनिधियों का, सामाजिक संगठनों का, दिया गया बैठकर हुई लेकिन सब ढाक के वही तीन बात और सब कुछ जाकर यातायात पुलिस के माथे छोड़ दिया जाता है। यातायात पुलिस कुंभ की भीड़ की तरह लाचार और विवश होकर हट जाती है।
सरकार के मंत्रियों का आगमन की सूचना प्राप्त रहती है जिससे उनके आने-जाने की व्यवस्था तो हो जाती है लेकिन सबसे कमजोर और नगर की जनता रोज इसी जाम की चक्की में पीसते रहती है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अमरदीप कुमार जय ने लिखित रूप में यातायात पुलिस की नाकामियों पर प्रश्न खड़ा किया है। इन्होंने बताया कि यातायात पुलिस रोज चिह्नित स्थानों पर पहले से मौजूद रहती तो इस प्रकार की समस्या नहीं उत्पन्न होती। फुट पर लगाने वाले दुकान,मौल के पास, अस्पताल के पास, चौक और मोड पर लगने वाले दुकानों को भी व्यवस्थित करना चाहिए। अवैद्य पार्किंग, रोड पर खड़ी दो पहिया, चार पहिया वाहनों पर फाइन या जप्त नहीं की जा रही है। स्कूल वाहनों के लिए सही दिशा निर्देश नहीं दिया जा रहा है। तीन पहिया वाहन के लिए रूट, लाइसेंस, कोई अंडर एज का भी चला रहा है। एंबुलेंस भी आम लोगों जैसा फंसा रहता है। कई बार अप्रत्याशित घटनाएं घट जाती है। कुल घुमा फिरा कर आम जनता परेशान होती है। फिर भी जनता आशा भरी निगाहों से देखती है कि शायद पुलिस प्रशासन इस चिर लंबित समस्या का निराकरण कर देती।
