
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 जनवरी।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,आरा के कर्मचारी संघ के प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष चितरंजन प्रसाद सिंह के निवास पर सदस्यों की बैठक हुई । जिसमे माह नवम्बर 2024 से जनवरी-2025 तक का लंबित वेतन-पेंशन तथा कर्मचारियों के प्रोन्नति के मामले में विचार-विमर्श हुआ। अध्यक्ष चितरंजन सिंह ने कहा कि वर्तमान में यहाँ के कुलसचिव और सभी पदाधिकारी इस विश्वविद्यालय को केवल शिक्षा का चारागाह बना दिये है, इन्हें शिक्षा और छात्र से कोई मतलब नहीं है, केवल यह विश्वविद्यालय नामांकन और परीक्षा बस इसी के लिए रह गया है। कुलाधिपति के निर्देश पर सत्र नियमित करने के नाम पर यहाँ केवल खानापूर्ति का काम हुआ है। परीक्षाओं का समीक्षा किया जाय तो देखने को मिलेगा की जिस माह में छात्र छात्रों ने नामांकन लिया है लगभग उसी माह में उनका परीक्षा भी आयोजित कराया गया है,कोर्स की पढाई हुईं और परीक्षा ली गई।इस विश्विविद्यालय में आउट सोर्सिंग और संविदा पर लगभग सैकड़ों से ऊपर कम्पुटर आपरेटर नियुक्त है लेकिन सरकार के निर्देश के बावजूद आज तक UMIS PORTAL पर सारा डाटा अपलोड नहीं हो सका है। जिस कारण से ससमय कर्मचारियों को वेतन-पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है ।जिससे कर्मचारी और पेंशन भोगियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बहुत से ऐसे सेवानिवृत कर्मचारी है जो बीमार है और उनका दवा- बच्चों की पढ़ाई इत्यादि पेंशन पर ही निर्भर है, यदि उनके साथ पैसे के अभाव में कोई अनहोनी होती है तो इसका सारा उत्तरदायित्व विश्वविद्यालय के उच्चाधिकरियों की होगी। कर्मचारियों के प्रोन्नति के मामले पर भी विश्वविद्यालय की मंशा स्पष्ट नहीं है केवल टाल-मटोल किया जा रहा है बस जिस कार्य को करने/कराने में इन्हें लाभ मिलना है केवल उसी कार्य को प्राथमिकता के साथ यहाँ के पदाधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय को यहाँ के उच्चाधिकारी नहीं बल्कि संवेदक, सप्लायर, और एजेंसी मिलकर चला रहे है, जिनसे इनको अधिकाधिक लाभ मिल रहा है। यहाँ केवल और केवल निर्माण, महंगा से महंगा सामग्रियों का खरीदारी, टेंडर, परीक्षा और परीक्षा के लिए कापी छापाई इत्यादी, बस यही कार्य इस विश्वविद्यालय में हो रहा है । प्रक्षेत्रीय मंत्री राधा रमण सिंह ने कहा की आवेदन देने के वावजूद भी कर्मचारियों से सम्बंधित कोई कार्य विश्वविद्यालय में नहीं हो रहा है जबकि अनेको पत्र कर्मचारियों के मांग से सम्बंधित आज तक दिया गया होगा, किसी किसी पर यदि कमिटी बन भी जाती है तो परिणाम नहीं आता है. यहाँ तक की कर्मचारियों से सम्बंधित राजपाल सचिवालय, पटना और शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के भी पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है।डाक के तीन पात के सामान है।अब यह कार्यपद्धति हमें स्वीकार्य नहीं है इसके विरुद्ध लड़ाई लड़ने की हमारी योजना है जिसमे सर्वप्रथम इन सारे कथ्यों से माननीय कुलाधिपति महोदय को ज्ञापन के माध्यम से एक शिष्ट मंडल मिल कर अवगत कराएगा, समय की मांग की गई है। विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित कालेजों पर धरना प्रदर्शन की कार्रवाई करने का भी योजना बनाया गया है।जरुरत पड़ेगा तो वर्तमान कार्यरत कर्मी और सेवानिवृत कर्मियों के साथ संयुक्त रूप से राजभवन पैदल मार्च भी किया जायेगा। कर्मचारियों के हित में कड़े निर्णय लेने को बाध्य हैं ।बैठक में अरविन्द कुमार सिंह, बक्सर, राधा रमण सिंह, डुमराव, जमाल अख्तर, आरा, श्री निर्मल कुमार, आरा, अरुण झा, आरा, हरेन्द्र सिंह, सासाराम, ब्रजेश सिंह, बिक्रमगंज, कृष्णा सिंह, डेहरी, धर्मन्नाथ सिंह, आरा, भोला सिंह, भभुआ इत्यादि के साथ कार्यरत कर्मी भाइयों ने भी ने भी अपना विचार सबके समक्ष रखा।
