बीडी सिंह की मां के श्राद्ध कर्म का किया गया था आयोजन।
जिले सहित राज्य के लोग हुए शामिल।
गोल्डेन मैन ने शिरकत कर चमकाई अपने सोने की चमक।
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 जनवरी। परोपकारी और निर्धनों के प्रति सहानुभूति रखने वाली सोना झाली देवी का गुरुवार को श्राद्ध कर्म और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन आरा प्रखंड के घोड़ादेई ग्राम में किया गया था। सबसे पहले ब्राह्मण भोज में जिले के 300 के लगभग ब्राह्मणों ने भोज किया।जिन्हें बी डी सिंह की ओर से कंबल,दान दक्षिणा देकर श्रद्धा से विदाई दिया गया। इसके बाद से सामूहिक भोज का कार्यक्रम शुरू हुआ
जो लगातार चलते रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 10 काउंटर बनाए गए थे और सभी काउंटर पर वॉलिंटियर्स सेवा में लगातार लगे रहे।
इस सामाजिक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और राजद के संस्थापक अध्यक्ष लालू यादव सहित अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। लालू यादव के साथ पूर्व वर्तमान जिला अध्यक्ष सभी विधायकों की उपस्थिति रही।
काली माई बखोरापुर मंदिर ट्रस्ट के तमाम पदाधिकारी पहले से ही उपस्थित रहे और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जिसमें मुख्य संरक्षक सुनील सिंह गोपाल ,कर्नल राणा प्रताप सिंह, रवि शंकर सिंह, अखिलेश बाबा,डा लक्ष्मण तिवारी, लाल दास राय, डॉ आदित्य विजय जैन, भाई बरमेश्वर, आदि रहे। बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ के तमाम पदाधिकारी, मुखिया संघ के सभी मुखिया गण, गोल्डन मैन, प्रेम सिंह ,नेत्री सोनाली सिंह, आदि ने उपस्थित होकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मौर्य होटल पटना के एचडी स्वयं पूरे स्टाफ के साथ उपस्थित रहे और उपस्थित अतिथियों के सेवा में लग रहे।
हजारों का हुजूम आते-जाते देखा गया।
बताते चलें कि पुण्य आत्मा सोना झारो देवी जनपद के सबके सहयोगी, मौर्य होटल पटना के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर, मां काली बखोरापुर वाली ट्रस्ट के अध्यक्ष बीडी सिंह की मां थी। इनका निधन 2 फरवरी को पटना एम्स में हो गया था। गुरूवार को इनका श्राद्ध कर्म ऐतिहासिक रूप में मनाया गया। हजारों की संख्या में लोगों ने उनके घर आकर उनकी मां के प्रति श्रद्धा निवेदन करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। ऐसा आयोजन हाल फिलहाल देखने को नहीं मिला, जैसी अच्छी व्यवस्था से लेकर खान-पान में कोई कसर नहीं रखी गई थी ।ऐसा ग्रामवासी और आगंतुकों ने बताया। बी डी सिंह ने बताया कि यह सब मेरी मां के आशीर्वाद का कृपा फल है की उनके आयोजन में कहां-कहां से लोग आकर प्रसाद ग्रहण किया और आशीर्वाद दिया।यह मेरे लिए गौरव की बात है।



