
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 दिसंबर।राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा श्री सीताराम विवाह महोत्सव, महावीर स्थान, रामना मैदान आरा में चल रही दूसरे दिवस के प्रातः बेला में देवी देवताओं की पूजन वैदिक रीति रिवाज से आचार्य ज्योति पाठक ने कराई,मांगलिक स्त्रोत पाठ के बाद श्री रामचरित्र मानस पाठ कर्ता शशि भूषण जी महाराज ने पाठ के माध्यम से नारद जी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि उनके अंदर अहंकार न होता तो माया के कुचक्र में नहीं पड़ते ।माया तो ईश्वर की प्रियतमा है जो समयानुसार जीव माया में पड़ जाता है। प्रभु का अवतार दुष्टों के मारने हेतु नहीं बल्कि भक्तों की दृढ़ संकल्प को पूरा करने हेतु एवं धर्म की स्थापना के चलते होती है।
श्रीमद भागवत कथा व्यास प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज ने कहा कि माया ही तो है जो इस जगत में एक दूसरे प्रति आपसी संबंध को जोड़ता हैं जो इस तरह की धार्मिक आयोजन करती है और इंसानियत के चलते ईश्वर इस धारा धाम पे आते है।श्रीमद भागवत कथा साक्षात् प्रभु के स्वरूप है यानि भागवत का दर्शन प्रभु का दर्शन का फल मिलता है। अश्वत्थामा ने पाण्डव पौत्र के ऊपर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया पर जिसका ईश्वर रक्षा करते है उसका क्या कोई बिगाड़ सकता,जिधर श्री कृष्ण है उधर कैसे कोई पराजित कर सकता यानि जिस पर कृपा भगवान करते उसपर सब कृपा सब करते है, श्रीमद भगवत की कोई श्लोक ठीक से श्रवण जीवन में बदलाव लाती है या की उपनिषद ग्रंथों की आत्म सात से सहज होती हैभागवत की पूजन आरती समिति की सभी सदस्यों ने मिलकर किया। जिसमें लक्ष्मीना देवी, जया देवी, आशा ठाकुर, इंदु देवी, बसंती देवी, उर्मिला सिन्हा, सुनीता सिंह, लीला सिंह, उषा पांडेय, पुष्पा सिन्हा, लालती सिंह, उमेश तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, रविशंकर तिवारी,सोनू जी भागवत कथा में प्रसाद वितरण डॉ केo एन o सिन्हा के द्वारा हुई वही मंच संचालक डॉ सत्यनारायण उपाध्याय ने किया और कहा कि इस तरह की धार्मिक आयोजन से सनातन धर्म की रक्षा होती है।
