
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 नवंबर। मंगलवार को संविधान दिवस के अवसर पर जगजीवन कॉलेज आरा में जिला विधिक प्राधिकार सेवा ,राजनीति विज्ञान विभाग,एवं जगजीवन कॉलेज की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “राइट टू एजुकेशन अंडरस्टैंडिंग आवर कॉन्स्टिट्यूशन फंडामेंटल राइट्स एंड ड्यूटीज” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता कालेज की प्राचार्या प्रो डॉ आभा सिंह एवं मंच संचालन राजनीति विज्ञान विभाग की प्रो सिद्धू कुमारी ने किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर राजनीति विज्ञान के प्रख्यात विद्वान डॉ गांधी जी राय तथा जिला सिविल कोर्ट के अधिवक्ता कृष्ण गोपाल मिश्रा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर डॉ आभा सिंह ने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है इसलिए शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाना एक ऐतिहासिक कदम था। मुख्य वक्ता गोपाल कृष्ण मिश्रा ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2002 तथा आरटीई एक्ट 2009 की कानूनी बारीकियों से छात्रों को परिचित कराते हुए कहा कि अगर कही शिक्षा का अधिकार बाधित होता है वह इसकी सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर को दे सकते हैं।डॉक्टर गांधी जी राय ने विषय के संवैधानिक पहलुओं से छात्रों को रूबरू कराया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो डॉ शहाब उद्दीन ने किया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ नवारुण घोष के अलावा समस्त शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
