
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 15 नवम्बर। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के करजा गाॅव में महान संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में पाॅच दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बुधवार को सलेमपुर से दोपहर बाद करजा पहुँचने पर देर शाम काशी, वृंदावन, बनारस, मथुरा से पधारे संत महत्माओं की देखरेख में तुलसी शालिग्राम विवाह महोत्सव का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया। इस अवसर पर मांगलिक गीत एवं वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज से गाँव सहित आसपास का क्षेत्र भक्ति के सागर मे डूब गया। तुलसी-शालिग्राम विवाहोत्सव का कार्यक्रम संत जीयर स्वामी जी महाराज की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जीयर स्वामी जी महाराज ने गुरुवार को प्रवचन के दौरान कहा कि सूर्य सम्पूर्ण लोकों के आत्मा हैं। सूर्य तेज एवं ऐश्वर्य के देवता हैं। सूर्य यदि न रहें तो पूरी दुनिया अंधकारमय हो जायेगी। सूर्य के अभाव में प्रकृति में ऐसे उपद्रवकारी जीव एवं कीटाणु उत्पन्न हो जायेंगे जिससे सारी दुनिया समाप्त हो जायेगी। सूर्य के प्रकाश के कारण ही प्रकृत बैलेंस बनाये रखती है। सूर्य कल्याण करने वाले हैं और प्रत्यक्ष देवता हैं। ऐसे सूर्य को रोज अर्ध्य देना चाहिए। यदि सूर्य नाराज हो जाते हैं तो घर में ऐश्वर्य खतम हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नालायक व्यक्ति या दुष्ट व्यक्ति कुछ बात आपके बारे में कह रहा है और आप में वह दोष नही है तो वो एक न एक दिन चुप हो जायेगा। कोई नालायक या दुष्ट व्यक्ति आकरण ही कहीं आपसे विरोध करता है तो समझना चाहिए कि अपना ही अस्तित्व एवं ऐश्वर्य को समाप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया क्या कहती है इसको सुनिए और सुन करके अगर आप में कोई दोष हो तो दोष का निवारण कीजिए। लेकिन सबसे जवाब सवाल और विवाद करने से समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नालायक व्यक्ति के संगत में एक क्षण में बिगङा जा सकता है। जैसे एक जूठा मिट्टी के बर्तन से सौ मिट्टी का पात्र अशुद्ध हो जाता है परंतु सौ मिट्टी के शुद्ध पात्र मिलकर भी एक अशुद्ध पात्र को शुद्ध नहीं कर सकते हैं। इसलिए कुसंगत मे बिगङने में देर नही लगती है।
इस अवसर पर श्री जीअर स्वामी जी महाराज के अलावा मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा, अयोध्या स्वामी जी महाराज, बैकुंठ स्वामी जी महाराज, उधव स्वामी जी महाराज सहित कई संत, महात्मा, गणमान्य लोग एवं बङी संख्या मे भक्तगण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
