
RKTV NEWS/बक्सर (बिहार) 09 अक्टूबर। आज उप विकास आयुक्त बक्सर, डॉ0 महेन्द्र पाल की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं PMEGP, PMEGP-2 एवं PMFME अन्तर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण कैम्प का आयोजन समाहरणलय सभाकक्ष में किया गया।
उप विकास आयुक्त द्वारा अपने संबोधन में बताया गया कि नवरात्रि के शुभ अवसर पर लक्ष्य को 100% प्राप्त कर लिया गया है। उनके द्वारा कहा गया कि बक्सर जिले में बड़ी कम्पनीयाँ भी निवेश कर रही है। जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा तथा आप जो छोटे-छोटे काम कर रहे हैं इससे और भी लोगों में उद्यमिता की भावना जगी है। इसमें अतिरिक्त कोशिश करने पर एक साथ काम कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। आप ऋण राशि का उसी रूप में उपयोग कीजिए जिसके लिए राशि दिया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रोत्साहित किया गया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) अन्तर्गत सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख एवं विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के लाभुक को 25 प्रतिशत/35 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र के लाभुकको 15 प्रतिशत/25 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान इस योजना अंतर्गत है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2 (PMEGP-2) अन्तर्गत वैसे आवेदक जिन्होनें पी.एम.ई.जी.पी.-01 एवं मुद्रा ऋण योजना के तहत बैंक से ऋण प्राप्त कर लिया हो तथा तीन वर्षों से कार्यरत इकाईयाँ, जो टर्म लोन की आदायगी बैंकों को कर दिया हो। उन्हे 15 प्रतिशत अनुदान की दर से 1.00 करोड़ रू0 तक का ऋण प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण प्रक्षेत्र के उद्योगों को 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10.00 लाख रू0 अनुदान प्रदान किया जाता है।
ऋण वितरण कैम्प में PMEGP योजना अन्तर्गत कुल 24 जिसमें 17 लाभुकों को ऋण स्वीकृति एवं 7 लाभुकों को वितरण पत्र तथा PMFME योजना अन्तर्गत कुल 31 जिसमें 21 लाभुकों को ऋण स्वीकृति एवं 10 लाभुकों को वितरण पत्र उप विकास आयुक्त द्वारा वितरित किया गया हैं। दोनों योजना अन्तर्गत कुल 55 लाभुकों को ऋण स्वीकृति एवं भुगतान किया गया। जिसमें कुल 365.93 लाख की राशि सन्निहित है।
शिविर में पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख संजीव डोंगरे, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र बक्सर, अग्रणी बैंक प्रबंधक बक्सर एवं सभी बैंको के जिला समन्वयक शाखा प्रबंधक एवं विभिन्न योजनाओं के लाभुक सम्मिलित हुए।
