
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 9 सितम्बर। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के सोनबरसा गाँव में आर्मी के सूबेदार विजय शंकर मिश्र का पार्थिव शरीर पहुँचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के रोने एवं चीख चित्कार से लोगों की ऑखें भर आई। पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पण करने हेतू लोगों का हूजूम उमङ पङा। वे सोनबरसा के स्व यमुना मिश्र के पुत्र थे। सुनील चौबे के नेतृत्व में 20 जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। आर्मी के सूबेदार अवधेश कुमार ने बताया कि वे असम मे गौहाटी के नारंगी कैंट में ड्यूटी पर तैनात थे। विजय शंकर मिश्र 1999 में आर्मी ज्वाइन किये थे। उनका सूबेदार के पद पर प्रमोशन हुआ था जिसके खुशी में पार्टी भी हुआ था। ड्यूटी के दौरान ही उनकी तबीयत बिगङ गई। चिकित्सा के क्रम मे ही उनकी मौत हो गई। सूबेदार का शव ताबूत में बंद कर उनके गाँव सोनबरसा लाया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ बक्सर जिला के नैनीजोर स्थित बिहार घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर सूबेदार सुनील चौबे, सूबेदार संजय चौबे, सूबेदार रमेश मिश्र, सूबेदार अवधेश कुमार, थानाध्यक्ष करनामेपुर चंदन कुमार सहित बङी संख्या में लोग उपस्थित थे। स्व विजय शंकर मिश्र छह भाई में चौथे नंबर पर थे और उन्हें दो लङका तथा एक लङकी है। उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर से लिपट कर रोते रोते बुरा हाल हो गया।
पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण के बाद नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में शिवाजीत मिश्र पहलवान, मुखिया गिरिजा देवी, उप प्रमुख संगीता देवी, धनंजय मिश्र, सूबेदार मेजर केदार मिश्र, गजानंद मिश्र, रामकुमार ओझा, दलजीत मिश्र, वीरेंद्र मिश्र, श्रीकांत मिश्र आदि शामिल थे।
