प्रगति का स्वणिम अध्याय है महिला कॉलेज: प्राचार्या प्रो मीना कुमारी
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 जुलाई। बुधवार को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय में 66 वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो मीना कुमारी ने किया। कॉलेज के संस्थापक महंत महादेवानंद गिरी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से किया गया। प्रधानाचार्या प्रो.मीना कुमारी ने कॉलेज की स्थापना के इतिहास को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने महंत जी को श्रद्धांजलि दी और उनके शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम को रेखांकित किया। इन्होंने बताया कि 10 जुलाई 1959 को कॉलेज की स्थापना मात्र तीन शिक्षक
प्रो शांति सिंह, प्रो सरला माथुर, प्रो मोहिनी सहाय,एक आदेश पाल शिवरात्रि देवीऔर 80 छात्राओं से प्रारंभ किया गया था। उद्घाटन में बाबू जगजीवन राम, अंबिका शरण सिंह, सुमित्रा देवी जैसे महान नेताओं का सानिध्य रहा।आज फक्र से कर सकते हैं कि 8000 छात्राएं पढ रही है,बी प्लस नैक मूल्यांकन प्राप्त कॉलेज है,शिक्षा खेलकूद एनसीसी एनएसएस सहित दो विषयों में स्नातकोत्तर ,कुल 15 विभाग से कॉलेज परिपूर्ण है। उत्तरोत्तर प्रगति की सीढ़ी पर बढ़ते हुए महिला महाविद्यालय शैक्षणिक जगत का स्वर्णिम अध्याय बन गया
है। इन्होंने कहा की आज भी चहुंमुखी विकास के लिए प्रयत्नशील हूं ।
इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि केवल महिला कॉलेज ही नहीं बल्कि पूरे शाहाबाद के शिक्षण संस्थानों में उन्होंने योगदान दिया उन पर शोध होना चाहिए उनके प्रति यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी।दर्शनशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता कुमारी ने उनके चरित्र को जीवन में उतारने और नि:स्वार्थ भावना से अपने – अपने कार्य को करने की बात कही। अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ . सुप्रिया झा ने लड़कियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने को प्रेरित किया। गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष स्नेहा शर्मा ने लड़कियों को कॉलेज आकर क्लास करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। सभी ने महंत जी को दूरदर्शी और महान व्यक्ति स्वीकार किया। प्रधानाचार्या और डॉ.कुमारी शिल्पा ने शिवगीत गाकर माहौल को मधुर बनाया। शिक्षकेत्तरकर्मी बड़ा बाबू ने महंत महादेवानंद जी से हुई मुलाकात और उनकी यादों को साझा किया और कहा कि वे सच्चे महापुरुष और साधु थे। छात्रा अंशु कुमारी ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाया। मंच का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ सुधा रंजनी ने किया। इस कार्यक्रम में सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और छात्राएं मौजूद रहीं।


