RKTVNEWS/आरा ( भोजपुर)29 अप्रैल।पूरी प्रकृति के नृत्य की अपनी शैली व अपना लय है। हवाओं के संगीत पर पेड़ पौधे नृत्य करते हैं तो शौर्य मंडल में सभी ग्रह व नक्षत्र लय मग्न होकर चक्कर काटते हुये नृत्य का प्रदर्शन कर रहें हैं। प्रकृति के ताल पर बारिश की बूंदों पर मयूर झूम कर नृत्य करता है मौसम में सावन झूमता हुआ नृत्य का मंचन करता है। जीवन के रंगमंच पर इंसान जन्म से मृत्य तक नृत्य ही तो करता है। नृत्य के बिना सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। आनंद से विध्वंश तक नृत्य को स्वयम भगवान शंकर ने लयबद्ध किया है। उक्त बातें कथक गुरु बक्शी विकास ने कहीं। अवसर था शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एण्ड म्यूजिक द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस समारोह का। इस् कार्यक्रम का उद्घाटन नवी पीढ़ी की उभरती कथक नृत्यांगना चित्रा कुमारी ने किया। इस् अवसर पर चित्रा ने एकल कथक नृत्य में गणेश वंदना, तीनताल में उपज, ठाट, उठान,आमद, तोड़े-टुकड़े व तिहाईयां प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वही राका श्रीवास्तव, हंसिका, अमृता, अंजली, स्नेहा पाण्डेय ने मैथिली लोक नृत्य झिझिया प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। वहीं नन्ही नृत्यांगना सोमी, सोनी, सगुण व सिद्धि आनंद ने कृष्ण वंदना प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। इस् अवसर संस्था की निदेशिका कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव ने सभी नृत्यांगनाओ को युवा नृत्य रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। मंच संचालन कथक नर्तक अमित कुमार व धन्यवाद ज्ञापन संयोजक अजीत पाण्डेय ने किया। इस् अवसर पर विदुषी बिमला देवी, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. ममता मिश्रा, इंजीनियर सुशील कुमार, रविशंकर, सुशीला देवी, महेश यादव, चंद्रमोहन ओझा समेत कई गणमान्य उपस्थित थें।

