पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 18 अप्रैल। लोक सभा चुनाव के प्रथम चरण में 19 अप्रैल को होने वाले चुनाव में सत्ता पक्ष का खाता भी खुलने नहीं जा रहा है। बिहार इस मर्तबा भी इतिहास लिखने जा रहा है। उक्त विचार राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के रथ के पहिया को बिहार राज सिंहासन तक नहीं पहुँचने देने वाला है।
वादा करने के बावजूद भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। नीतीश जी भले ही भूल जायें लेकिन बिहार कैसे भूल सकता है कि उसका मुख्यमंत्री हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री जी से पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का अनुरोध कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री उसके हथजोड़ी को झटक देता है। यह सिर्फ मुख्यमंत्री का नहीं बल्कि बिहार का अपमान था।
बिहार युवाओं का राज्य है। देश का सबसे गरीब राज्य। यहाँ के युवा विपरीत परिस्थिति में मेहनत से नौकरियों की परीक्षा की तैयारी करते हैं। शिक्षित युवाओं के लिए रेलवे की नौकरी बहुत उम्मीद लेकर आती है। लेकिन रेलवे मे बहाली घटा दी गई है। बिहार के युवकों ने अपनी एकता और संघर्ष के बल पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर किया है।
अग्नि वीर योजना युवा विरोधी है। बिहार के कम पढ़े लिखे ग्रामीण युवकों के लिए फौज में बहाली भी एक जरिया था। अग्नि वीर योजना से युवाओं का वह रास्ता भी बंद हो गया है।
इसलिए बिहार और विशेष रूप से यहाॅ के युवाओं का संकल्प है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के रथ को राज सिंहासन तक नहीं पहुँचने देंगे। इसकी शुरुआत 19 अप्रैल को लोक सभा के चार क्षेत्रों में होने वाले चुनाव से ही होने जा रही है जहाॅ सत्ता पक्ष का खाता खुलने नहीं जा रहा है।

