मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना…..रघुपति
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 11 अप्रैल।ईद उल फितर के अवसर पर बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के सरैया में ईदगाह कमीटी द्वारा बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधानसभा सभा प्रत्याशी रघुपति यादव के मुख्यातिथिय में ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया! जिसमें मुख्य अतिथि के रूप पधारे युवा नेता सह पूर्व विधायक प्रत्याशी बड़हरा रघुपति यादव के साथ साथ समारोह में शामिल गणमान्य लोगों वार्ड सदस्य छोटे जी, वार्ड सदस्य रमेश केशरी, पंचायत समिति सदस्य विरेन्द्र यादव, सरपंच हरेंद्र प्रसाद, जय राम सिंह, सरोज, गुड्डू, शिवमंगल , संतोष ठाकुर, पमपम यादव का फूल मालाओं से सम्मान कर सभी का स्वागत किया गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि रघुपति यादव ने सभी क्षेत्र वासियों सहित जिला व प्रदेश वासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए रोजादारो के रोजा क़बूल होंने की कामना की।उन्होंने सामाजिक सद्भावना ,भाईचारा एवं एकता ऐसे ही कायम रखने की सभी जनमानस से अपील की। रघुपति यादव ने कहा की हमारा भारत देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ साथ यहां उत्साह के साथ मनाए जाने वाले सभी धर्मो के त्योहारों के लिए भी जाना जाता है और इसकी विश्व स्तर पर अपनी एक अलग पहचान है।क्योंकि यहां मनाए जाने वाले सभी त्योहार वो चाहे ईद हो ,होली हो, वैशाखी या फिर क्रिसमस के त्योहार सभी में एक सामाजिक और सौहार्दिक संदेश का परिचय देते है।
रघुपति यादव ने ईद मिलन समारोह को संबोधित करते हुए हिंदू मुस्लिम सिख इसाई आपस में है भाई-भाई, मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना के शब्दों के माध्यम से भारत की एकता और अखंडता को परिभाषित करते हुए इसकी व्याख्या की। वहीं उन्होंने आमजनों को आगाह करते हुए कहा की कुछ असामाजिक और देश को बांट अपनी अपनी राजनीति की मनसा पाले हुए कुछ नेता लोग हैं जो देश के अमन चैन एवं शांति को भंग करने के लिए तुले हुए हैं। नफरत का बीज समाज में बोने का काम कर रहे हैं ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।ऐसे लोग देश और समाज के लिए घातक हैं।
रघुपति यादव ने ऐसे सामाजिक आयोजन करने के लिए ईदगाह कमेटी सरैया को तहे दिल से आभार व धन्यवाद प्रकट किया और आयोजन के माध्यम से प्रेम स्नेह से जीने वाले इंसानीयत को जिंदा रखने का संदेश देने की सराहना की!
रघुपति यादव ने इस अवसर पर ईद मिलन समारोह में उपस्थित जनसमूह से लोकसभा चुनावों में अपने अपने मताधिकार के उपयोग करने का आग्रह भी किया।
आयोजन कर्ताओं में मुख्य रूप से डॉ मोहम्मद रफी, मोहम्मद सलाउद्दीन हाशमी, मोहम्मद जैनुल अंसारी, मोहम्मद रिजवान अंसारी आदि की भूमिका सराहनीय रही।





मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना…..रघुपति