
ख़ूब समझते होंगे..!
मेरी बातों का मतलब ख़ूब समझते होंगे।
दुनिया वाले मेरा असलूब समझते होंगे।।
तू ना किया कर मेरी बातें भरी महफ़िल में।
सब तुझको मेरा महबूब समझते होंगे।।
तेरी ग़ज़लों में होता है अक्सर ज़िक्र मेरा।
तुझसे मेरा है कोई मनसूब समझते होंगे।।
नही देखा किसी ने ख़ुद को अपनी नज़र से।
देखकर आईने में हूबहूब समझते होंगे।।
समझ में वैसे मधु हम किसी की आते नही।
जो समझने वाले हैं हमे ख़ूब समझते होंगे।।
