
काम आएगी किसी की दुआ!
दर्द कभी किसी का अपना ना हुआ
इसे भी उड़ना एक दिन बनकर धुआं
भूल जा अब तक जो हुआ सो हुआ
कभी तो काम आएगी किसी की दुआ
कबतक असर करेगी ज़माने की बद्दुआ
हर कोई जो यहां आया वो चला गया
कहीं आग लगने पर ही निकलता धुआं
कभी तो काम आएगी किसी की दुआ
क्या हुआ गर तेरा कोई अपना नहीं हुआ
जीतता वही जो अकेला ही जीवन जिया
ख़ुशी उसी ने पाई जिसने गम को पिया
कभी तो काम आएगी किसी की दुआ
गीता में कहा गया जो हुआ अच्छा हुआ
फिर तू क्यों है सोच में इतनी डूबा हुआ
जीवन वरदान है भगवान का दिया हुआ
कभी तो तेरे काम आएगी किसी की दुआ
कदम ना हटा पीछे तू जो आगे बढ़ा दिया
ना डरना तू इस जहां से ना कदम डगमगा
तू ही रौशनी तू ही है जग का अपना दिया
कभी तो तेरे काम आएगी किसी की दुआ

