
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 16 फरवरी। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अन्तर्गत महाराजा कॉलेज आरा की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉक्टर कुमारी चंपा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी।दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन 21 और 22 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में आयोजित होना है।इनके शोध पत्र को स्वीकार कर संगठन की ओर से प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। भारतीय भाषा केंद्र भाषा साहित्य एवं संस्कृत अध्ययन संस्थान जेएनयू नई दिल्ली ,भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली एवं मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का महत्वपूर्ण आयोजन है।
शोध पत्र प्रस्तुत करने को ले उत्साहित डॉक्टर कुमारी चंपा ने बताया कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत देश और दुनिया को सदैव ज्ञान का संदेश देकर आकर्षित करती रही है। ऐसे ही एक समर्थ लोककलाकार,कवि, लेखक,गायक,रंगकर्मी,तथा अपनी प्रतिभा से इस मिट्टी की महक को देश-विदेश तक पहुंचाया है ।यही कारण है कि कई देशों में भोजपुरी भाषा भोजपुरी लोग अपने आप को सर्वोच्च स्थान पर लाकर खड़ा किया है। भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर, राय बहादुर, अनगढ़ हीरा जैसे अनेक टाइटिल देकर नवाजा गया है ।भिखारी ठाकुर को समाज साहित्य और संस्कृति का समर्थ प्रचारक एवं संवाहिका माना जाता है। मातृभाषा संस्कृति की संवाहिका होती है।अतः इसे जीवित रखना हमारा दायित्व है। जिसका प्रयास मैंने अपने शोध पत्रों में किया है।इस आयोजन के संयोजक हैं जे एन एन यू के हिंदी विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर राजेश पासवान।

