चतरा/ झारखंड 12 फरवरी।समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त, चतरा अबु इमरान की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई।
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सर्वेन्वित प्रथम गर्भवती महिलाओं की इंट्री, दूसरी बच्ची की शत-प्रतिशत इंट्री कार्य करने में हंटरगंज, प्रतापपुर और ईटखोरी परियोजना से कम इंट्री कार्य होने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को तेजी लाने का निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक केंद्र से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कम से कम पांच आवेदन की इंट्री कराने का सख्त निर्देश दिया गया।
सावित्री बाई फूले किशोरी समृद्धि योजना के तहत शेष बचे हुए लक्ष्य को वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए कार्य में तेजी लाते हुए कुल लक्ष्य का 100 प्रतिशत आवेदन लेने का निर्देश दिया गया। साथ ही सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना एवं कन्यादान योजना का जिले में प्राप्त आवेदन को देखते हुए विभाग से अतिरिक्त आवंटन की मांग करने के निर्देश दिए गए।
वहीं पोषण ट्रेकर एप में सभी परियोजनाओं के द्वारा सभी इंडीकेटरों पर अब तक किये गए इंट्री कार्य की समीक्षा की गई। इंडीकेटरों पर कम इंट्री पर कारणपृच्छा करते हुए सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रगति में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए।
पोषण ट्रैकर एप्प पर बच्चों का वजन/लम्बाई का माप निर्धारित लक्ष्य अनुरूप करना, समर अभियान के तहत चिन्हित बच्चों का प्रविष्टि समर एप और पोषण ट्रेकर एप में एक समान आंकड़ा इंट्री करने का निर्देश दिया गया, डी-फॉल्टर बच्चों का फॉलोअप करने एवं एमटीसी में बच्चों को भर्ती करने का निर्देश दिया गया। एएनसी एवं टीकाकरण में स्वास्थ विभाग एवं आई0सी0डी0एस के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकित गर्भवतियों को टीकाकरण एवं एएनसी जांच करने हेतु निदेशित किया गया तथा संबंधित विभागों को एक समान आंकड़ा प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने फोर्टिफाईड चावल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाईड चावल को पानी में साफ करने के दौरान उपर आ जाता है, जिसे खराब समझकर इसका उपयोग नहीं किया जाता, जबकि ये भरपूर मात्रा में पोषण से युक्त फोर्टिफाईड चावल है। इसकी उपयोगिता बताते हुए इसे नष्ट होने से बचाने पर चर्चा की गई।
इसके अलावा जिला बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं किशोर न्याय बोर्ड के तहत संचालित कार्यां की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए।
बैठक में सिविल सर्जन चतरा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति चतरा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी चतरा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सिमरिया एवं महिला पर्यवेक्षिका सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

