मोतिहारी/पूर्वी चंपारण 11 फरवरी।प्रगतिशील भोजपुरी समाज की ओर से विगत कई वर्षों से भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करके संवैधानिक अधिकार दिलाने हेतु जन अभियान, जनआंदोलन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत कुछ माह पूर्व भी प्रगतिशील भोजपुरी समाज की ओर से मोतिहारी स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेल मंत्री को रेलवे स्टेशन में लोक भाषा, जन भाषा ,मातृभाषा भोजपुरी में रेलवे स्टेशन में सभी यात्री उद्घोषणा भोजपुरी भाषा में करने की मांग की गई थी।आज पुनः प्रगतिशील भोजपुरी समाज की ओर से रेलवे स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है जिसमें मांग की गई है कि भोजपुरी भाषा-भाषी क्षेत्र के सभी रेलवे स्टेशनों में लोक भाषा भोजपुरी में यात्रियों के लिए उद्धोषणा होनी चाहिए। पूरे दुनिया में करीब 20 करोड़ भोजपुरी बोलनेवाले लोग हैं। भोजपुर क्षेत्र के रेलवे स्टेशन में आमजन की जन भाषा, मातृभाषा भोजपुरी में उद्धोषणा भोजपुरी भाषा में नहीं होने से आम भोजपुरी भाषा – भाषियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
भोजपुरी क्षेत्र में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बिहार के कुल 26 जिले शामिल है यथा पश्चिमी चंपारण,पूर्वीचंपारण, सारण, गोपालगंज, सिवान, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, भदोही,वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजागंज, संत कबीर नगर,बस्ती, सिद्धार्थ नगर जिलो में आम लोगों की भाषा भोजपुरी है । इन जिलों में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन पर उद्धोषणा भोजपुरी में हो तो भोजपुरी भाषा- भाषी लोग न केवल गौरव का बोध करेंगे बल्कि वो अपनी मातृभाषा को अच्छे तरीके से समझ कर सुविधा का लाभ भी उठाएंगे। प्रगतिशील भोजपुरी समाज भोजपुरी क्षेत्र के सभी रेलवे से स्टेशनों में भोजपुरी भाषा में यात्री उद्धोषणा होने की जोरदार मांग करते हुए आज प्रगतिशील भोजपुरी समाज की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल छपरा रेलवे स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री को इस आशय का एक ज्ञापन सौपा है।

