गढ़वा/झारखंड 06 जनवरी।समाहरणालय स्थित सभागार में आज उपायुक्त शेखर जमुआर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा एक एक कर शिक्षा विभाग के विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त द्वारा पोशाक वितरण, शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति, विद्यालयों की साफ सफाई, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की साफ सफाई, मध्याह्न भोजन का संचालन, विद्यालय में पोषण वाटिका, बच्चों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्यालयों के भवन निर्माण, नीति आयोग के इंडिकेटर समेत अन्य विषयों पर एक एक कर समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग के उक्त समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त द्वारा जिला अंतर्गत सभी विद्यालयों विशेष कर जिला अंतर्गत विभिन्न आकांक्षी प्रखंडों में नीति आयोग द्वारा चिन्हित किए गए विभिन्न इंडिकेटर की समीक्षा करते हुए इसके बेहतर संचालन हेतु निर्देशित किया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, एवं विद्यालय की विधिवत्त साफ-सफाई, विद्युतिकरण, पोषाहार, पोशाक आदि बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित रखने की बात कही गई, ताकि विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विद्यालयों में अध्यनरत छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत जोड़ने एवं डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित किए जाने की भी समीक्षा की गई जिसमें अभी तक लंबित पड़े आवेदनों को 10 दिनों के भीतर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने उपस्थित सभी प्रखंड के बीपीओ से बारी-बारी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा की। कुछ योजनाओं में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप काम लक्ष्य प्राप्त करने वाले प्रखंड के बीपीओ को उपायुक्त द्वारा कड़ी फटकार लगाई गई तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कार्य असंतोष जनक होने पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई। पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि कुल 1395 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजनाओं का संचालन विधिवत्त रूप से किया जाता है। मध्यान भोजन में पोषक आहार एवं पूरक पोषण का वितरण मेनू के अनुसार है निश्चित रूप से किए जाने की बात कही गई। विभिन्न बीपीओ के द्वारा मध्यान भोजन हेतु राशि निकासी एवं डोर स्टेप डिलीवरी में कुछ आ रही तकनीकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें आवश्यक सुधार हेतु उपायुक्त द्वारा उचित दिशा निर्देश दिए गए। जिन योजनाओं में पुर परफॉर्मेंस पाया गया उन्हें उपायुक्त द्वारा सीख रही लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया। प्रखंड स्तर के पदाधिकारी को उपायुक्त द्वारा अपने मुख्यालय में ही आवासन की सुविधा रखने की बात कही। साथ ही ससमय कार्यालय आने एवं नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधीक्षक -सह- जिला शिक्षा पदाधिकारी आकाश कुमार को निर्देशित किया गया कि अपने अधीनस्थ सभी शिक्षा पदाधिकारी एवं कर्मियों का नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज संबंधित प्रतिवेदन का निरीक्षण करने करें एवं संबंधितों का मासिक परिलब्धि भी दर्ज उपस्थिति के अनुरूप ही करें। आरटीई एक्ट के तहत कार्य करने वाले विद्यालयों की सूची के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें पाया गया कि जिला अंतर्गत कल 23 विद्यालय ऐसे हैं, जो आरटीई एक्ट के तहत पंजीकृत हैं। उपायुक्त द्वारा आरटीई एक्ट के तहत अपंजीकृत विद्यालयों को नोटिस भेजने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी -सह- जिला शिक्षा अधीक्षक को दिया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में उपायुक्त ने सभी बीपीओ को हाई स्कूल में 18 वर्ष के वैसे बच्चे जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में नहीं जोड़ा गया है, उनकी जानकारी एकत्र कर अनिवार्य रूप से उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने से संबंधित कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार, डीपीओ, एपीओ, सभी बीईईओ, सभी बीपीओ, एडीएफ, सभी बीपीएम एवं जेई उपस्थित थे।

