आरा/भोजपुर 24 अक्टूबर। आज विजयादशमी के अवसर पर पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के गांव चंदवा से भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए जारी आंदोलन के तहत आहूत कार्यक्रम आक्रोश प्रदर्शन का शंखनाद विभिन्न भोजपुरी भाषाई संगठनों की उपस्तिथि में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व पार्षद आरा नगर निगम डॉ जितेंद्र शुक्ला ने व संचालन भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण यादव” कृष्णेंदु”ने किया।
इस अवसर पर भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान आरा के संस्थापक अध्यक्ष पत्रकार नरेंद्र सिंह ने कहा की अगर समय रहते भोजपुरी भाषा की मान्यता के लिए जन आंदोलन नही किया गया तो संस्कृत, पाली और प्राकृत भाषा की तरह भोजपुरी भाषा भी विलुप्त हो जायेगी।
भोजपुरिया जन मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ विनोद सिंह ने कहा की भोजपुरी भाषा 30 करोड़ लोगो की भाषा है। इसे मान्यता न देकर सरकार 30 करोड़ भारतीयों के साथ अन्याय कर रही है।उन्होंने कहा की भोजपुरिया क्षेत्र के विकास के लिए सरकार विशेष पैकेज की अलग से व्यवस्था करें।
भोनपुरिया जन मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं आरा लोकसभा के पूर्व प्रत्यासी डॉ कुमार शिलभद्र ने कहा की जन जन की मांग है की भोजपुरी को मान्यता मिलनी चाहिए।
अध्यक्ष डॉ जितेंद्र शुक्ला ने कहा की वृहद जन आंदोलन खड़ा करने के लिए बिहार,झारखंड,उत्तर प्रदेश के सभी भोजपुरी भाषी जिलों में जन जागरण अभियान चलाना होगा।
संचालक कृष्णेंदु ने बताया की दिवाली और छठ पूजा के कारण भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने 5 दिसंबर 23 की तिथि बदल कर 5 फरवरी 24 किया है।

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