आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 10 अक्टूबर।आज जगजीवन कॉलेज,आरा के मनोविज्ञान विभाग द्वारा ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन कॉलेज के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो सुनील कुमार विभागाध्यक्ष गणित ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक द्वीप प्रज्वलन, कॉलेज के संस्थापक बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं छात्राओं के स्वागत गीत से हुआ से हुआ। अतिथियों का स्वागत मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो अजय कुमार द्वारा डायरी और पेन देकर किया गया।
मुख्य वक्ता पीजी मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो लतिका वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का होना मानवाधिकार है। प्रत्येक व्यक्ति को खुश रहने का अधिकार है। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है उसी प्रकार मन को भी स्वस्थ रखने की जरूरत है।डा वर्मा ने बताया कि मानसिक अस्वस्थता मानव के व्यवहार से परिलक्षित होता है।दैनिक क्रियाकलाप में परिवर्तन हो जाता है।मन को संयमित रखकर जीवन की खुशियां पायी जा सकती है।प्रो० वर्मा ने पीपीटी के माध्यम से मानसिक तनाव एवं उससे बचाव के विभिन्न पहलूओं पर व्यापक प्रकाश डाला।
वही प्रो सुनील कुमार ने कहा कि परिवार के सानिध्य रहकर मानसिक तनाव से मुक्त रहने की बात बताई।अतिथि वक्ता डॉ० के० सी० चौधरी ने कहा कि आधुनिक जीवन- शैली अवसाद का मूल वजह है।डाँ कुमार कौशलेन्द्र ने मानसिक तनाव के तकनीकी पहलू पर अपने विचार रखे। विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने मंच का संचालन करते हुए कहा कि मानसिक तनाव का समुचित इलाज तो हमारी साकारात्मक संस्कृति में ही निहित है।जिसकी शुरुआत ही ‘खुश रहो’ जैसे आशीर्वाचन से होती है। प्रमुख उपस्थिति में डॉ अजय कुमार( सेवानिवृत )डॉ गुलाब फलाहारी, डॉ राजीव नयन, डॉ शिरोमणि सिंह, डॉ0 अमरेश कुमार,डॉ असलम परवेज, डॉ नवारुण घोष, डॉ अरसद अली, डॉ सत्येंद्र पाण्डेय,डॉ सूर्य नारायण प्रसाद, डॉ लालबाबू चौपाल, डॉ लक्ष्मी कुमारी, डॉ किरन मई, डॉ शशी प्रकाश राय तथा भारी संख्या में छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।
सहायक प्राध्यापक प्रो० चंदन कुमार के धन्यवाद- ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
