बागपत/उत्तर प्रदेश 6 अक्टूबर।राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा आज कलेक्ट्रेट लोक मंच पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति द्वारा फंक्शनल हाउस टैप कनेक्शन द्वारा शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल तथा जल जनित बीमारियों से बचाव हेतु जन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र प्रदीप प्रचलित कर किया।जिलाधिकारी द्वारा संस्था के लोगो को पहले स्वयं विशेषज्ञ होने और जागरूकता मिशन को आम जनमानस में तथ्यों के साथ व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने कहा जल जागरूकता के लिए जो वालंटियर हैं उन्हें संपूर्ण जानकारी हो जनता के बीच में जानकारी के साथ उससे होने वाले लाभ के बारे में प्रकाश डालें नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करें लोग जागरूक होंगे तो जल अवश्य बचेगा गिरते जल स्तर को देखते हुए सभी को जागरूक होने की अत्यधिक आवश्यकता है अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी ना की जाए आज का जीवन में हम तो एक जीवन व्यतीत कर सकते हैं लेकिन आने वाली पीढियां के बारे में भी अगर प्रत्येक व्यक्ति बैठकर सोचेगा तो अवश्य ही जो जल जागरुकता की महिम है वह सफल होगी उन्होंने कहा जल है असली सोना इसे नहीं है कभी खोना उन्होंने कहा माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा है अमृत काल में भारत जल को भविष्य के रूप में देख रहा है।
कार्यशाला के आयोजन में सहयोगी संस्था विल्सन ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड की टीम थी। संस्था द्वारा जन जागरूकता कार्यक्रमों संबंधी स्टॉल लगाए गए थे। जिसे जनपद स्तरीय अधिकारी ने अवलोकन किया। नुक्कड़ नाटक कर बच्चो को पेयजल को बचाने के लिए जागरूक किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी हरेंद्र सिंह द्वारा भूमिगत जल के गिरते जल स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की गई एवम जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने और जिम्मेदार बनने की अपील की गई।
कार्यशाला में आरईएस के अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण ) के अधिशासी अभियंता मूलचंद, सहायक अभियंता माधव मुकुंद, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश कुमार अरुण, विनीत कुमार, अवर अभियन्ता अनुज कुमार, मो. हारून, डीपीएमयू की टीम, विल्सन ग्रीन की टीम एवम जीवीटी और आर एम ई संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, जल सखी, आगनवाड़ी कार्यकत्री एवं आम जनमानस उपस्थित थे।
