आरा/भोजपुर 28 सितंबर।लीजेंड बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा मेमोरियल कल्चरल सोसायटी के तत्वाधान में स्थानीय महाजन टोली स्थित ठाकुरबाड़ी प्रांगण में संगीत सभा आयोजन हुआ। जिले के वरिष्ठ शास्त्रीय गायक उस्ताद निजामुद्दीन खां साहब ने दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर खां साहब ने कहा कि संगीत में जोड़ने और जुड़ने की संस्कृति है। सद्भाव से ओतप्रोत भारतीय संगीत पूरे विश्व में अद्वितीय है। सामवेद पर आधारित यह संगीत प्राकृतिक है जिनके स्वरों की अनुगूंज समय प्रहर और मौसम को प्रभावित करती है।
कार्यक्रम में युवा गायक उस्ताद निजामुद्दीन खां ने राग – बागेश्री में बड़ा ख्याल “बहुगुण काम ना आवे सजनी ” छोटा ख्याल ” कवन करत तोरी विनती पियरवा ” राग मेघ में घन गरजत बरसन को आयो” भजन व ठुमरी प्रस्तुत कर समां बांधा। खां साहब ने स्वरों से विभिन्न भावों को प्रस्तुत किया। हारमोनियम पर सुमित सोनी, तानपुरे पर सुश्री संचिता व तबले पर सूरज कान्त पाण्डेय ने संगत से रंग भरा। मंच संचालन आदित्या श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। इस अवसर पर संरक्षक सुशील कुमार ‘देहाती’, प्रोफेसर विश्वनाथ राय, तबला वादक देवेश दुबे, श्रेया पाण्डेय समेत समेत कई संगीत रसिक उपस्थित थे।
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