आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 25 सितंबर।जनसंघ के दसवें राष्ट्रीय अध्यक्ष पं दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान काल में राजनीति, शिक्षा और आजीविका तीनों का स्वरूप अभारतीय हो गया है। कुछ दिनों पूर्व जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग और दुराचार से प्रथम वर्ष के छात्र की हुई हृदयविदारक मृत्यु तथा कोटा में दो दर्जन से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अपने मूल उद्देश्य तथा स्वरूप से विरहित हो गई है।आचार्य ने कहा कि इन सबका मूल राजनीति है।पं दीनदयाल उपाध्याय ने मानवता और मानव हित को केंद्र में रखकर राजनीति का मार्ग प्रशस्त किया। आज सत्ता-सुविधा को केंद्र में रखकर समाज को विघटित तथा गुमराह करने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकार की आलोचना के स्थान पर देशहित का विरोध करते नजर आ रहे हैं।
।भारतवर्ष अपने दम पर लंबे समय से आतंकवाद और समाज-विरोधी शक्तियों से लड़ रहा है। देश का लोकमत आपत्ति के समय प्रखर राष्ट्रवाद का पोषण करता है। जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि दीनदयाल जी के मानवतावादी विचार से ही राजनीति का शुद्धिकरण और शिक्षा तथा समाज का भारतीयकरण संभव है। विषय प्रवर्तन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि खूनी संघर्ष और वर्ग संघर्ष का नारा देने वाले तथा देश पर आपातकाल थोपने वाले आज फासीवाद की बात कर रहे हैं।
प्रदेश महासचिव कुमार सौरभ ने कहा कि महंगी शिक्षा और अराजकता के कारण मासूम बच्चे कालकवलित हो रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन मधेश्वर नाथ पांडेय ने किया।
