रोहतास/ बिहार 13 सितंबर।आज जिला पदाधिकारी रोहतास धर्मेंद्र कुमार के द्वारा भूअर्जन से संबंधित कार्यो की समीक्षात्मक बैठक की गयी। जिसमें जिला भूअर्जन पदाधिकारी, उप परियोजना प्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, डीडीयू परियोजना निदेशक सासाराम एवं परियोजना निदेशक पटना एवं परियोजना निदेशक वाराणसी के प्रतिनिधि, अंचल अधिकारी सासाराम, कोचस, चेनारी शिवसागर एवं अन्य सभी संबंधित अधियाची विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा भाग लिया गया। बैठक में भूअर्जन से संबंधित मामलों में मुआवजा भुगतान करने एवं अधियाची विभाग के पदाधकारियों के द्वारा भूअर्जन के पश्चात योजनाओं के क्रियान्वयान कराये जाने आदि कार्यों में उत्पन्न हो रही समस्याओं के बारे में समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में निम्नांकित निर्देश दिया गया:-
1. डीएफसीसीआईएल डीडीयू के द्वारा उठाये गये बिन्दु के आलोक में जिला भूअर्जन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि जिन रैयतों के मुआवजा के संबंध में स्वत्व का विवाद है या रैयत द्वारा नोटिस व आम सूचना के प्रकाशन के बाद भी राशि प्राप्त नहीं की जा रही है, उसके अभिलेख एवं राशि को प्रिंसपल सिविल कोर्ट को संदर्भित किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा अविलंब कार्रवाई करते हुये संरचना विधिवत हटाने का निर्देश अधियाची विभाग को अंचल अधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी के सहयोग से करने का निदेश दिया गया।
2. जिला भूअर्जन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि सभी अधियाची विभाग सो अधिग्रहित भूमि के दाखिल-खारिज़ कराने हेतु विहित प्रपत्र में यथा- अधिग्रहित भूमि का रकवा, खाता/खेसरा/रैयत का नाम एवं अधिग्रहण के विरुद्ध रैयत को किये गये भुगतान आदि के संबंध में प्रतिवेदन अंचलवार प्राप्त करते हुये संबंधित अंचल अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुये अधिग्रहित भूमि का दाखिल खारिज ससमय करवाना सुनिश्चित करें।
3. सभी संबंधित अंचल अधिकारियों को निदेश दिया गया कि जितने भी अधियाची विभाग के द्वारा अधिग्रहित भूमि के दाखिल-खारिज हेतु आवेदन पत्र दिया गया है, उन सभी मामलों का अविलंब दाखिल-खारिज विहित प्रक्रिया के तहत करना सुनिश्चित करें। उन्हें यह भी निदेश दिया गया कि यदि किसी मामलें में किसी रैयत को कोई आपत्ति हो तो संबंधित रैयत एवं संबंधित अधियाची विभाग को नोटिस निर्गत कर उसकी नियमानुसार सुनवाई कर संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन करना सुनिश्चित करें।
4. बैठक में उपस्थित सभी अधियाची विभाग के पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि अधिग्रहित भूमि पर कार्य प्रारम्भ करने के क्रम में यदि किसी व्यक्ति या रैयत के द्वारा कोई समस्या उत्पन्न किया जाता है या अतिक्रमण को हटाने के संबंध में कोई व्यवधान उत्पन्न करता है तो उसकी वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी अवश्य तैयार कराना सुनिश्चित करेंगें।
5. बैठक में उपस्थित सभी अधियाची विभाग पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि अधिग्रहित भूमि के दाखिल-खारिज के संबंध में पत्र के माध्यम से जिला भूअर्जन पदाधिकारी, रोहतास को अंचलवार सूचना दें कि किन-किन अंचलों को कितने मामलों को दाखिल-खारिज हेतु आवेदन दिया गया है तथा उसमे कितने वादों का निष्पादन हो चुका है, और कितने वाद किन-किन अंचलों में अभी तक लंबित है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि संबंधित अंचल अधिकारियों को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें।
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