आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 09 सितंबर।बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज वीर कुंवर सिंह प्रक्षेत्र के सभी महाविद्यालय के कर्मचारियों ने कॉलेज में उपस्थित होकर काम नहीं किया। सभी महाविद्यालय के इकाई संघों द्वारा समय अनुसार उपस्थित होकर धरना पर बैठे और प्रदर्शन कर अपनी मांगों के प्रति आवाज बुलंद की। बताते चले की कर्मचारियों का तीन माह जून जुलाई और अगस्त से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण कर्मचारियों में काफी रोष है। उनके सामने पारिवारिक भरण पोषण और बाल बच्चों की समस्याएं काफी आहत कर रही है।
सरकार शिक्षा उपस्थित परीक्षा आदि के लिए चिंता में है लेकिन जो काम को संचालित करते हैं अल्प वेतन भोगी हैं जो केवल वेतन पर आधारित है उनके लिए कोई भी मानवीय संवेदना दिखाई नहीं दे रही है। सरकार और विश्वविद्यालय किस प्रकार अपने स्वार्थ में ललित है कि इन लोगों की कोई समस्याओं की ओर उनका ध्यान ही नहीं है। इसी क्रम में सर्वप्रथम जगजीवन कॉलेज आरा के शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव अपने सहयोगियों के साथ समय पर उपस्थित होकर धरना पर बैठकर अपनी मांगों को मीडिया के सामने रखा। इन्होंने कहा कि किस प्रकार हम सभी सरकार और विश्वविद्यालय का सहयोग करें।इन लोगों को इतना भी पता नहीं है कि हां 3 माह से वेतन नहीं मिला है, इसके लिए कोई पहल करें, कोई समस्या हो तो समाधान करें। लेकिन सभी अपने स्वार्थ में लगे हुए हैं। वही सब कॉलेज आरा के अध्यक्ष रमेश कुमार के नेतृत्व में समस्त कर्मचारियों ने कैंपस में धरना और मांगों के प्रति नारा लगाते रहे। इन्होंने बताया कि बार-बार वेतन सत्यापन के नाम पर, कभी फिक्सेशन के नाम पर, कभी प्रमोशन के नाम पर, कभी कागज जांच के नाम पर, केवल पत्रों में फंसाना चाहते हैं।
जिसे हम सभी पूरी और विरोध करते हैं। वही मुख्यालय कैंपस में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय तथा सरकार के प्रति विरोध प्रकट किया। इस प्रकार से सभी चारों जिला के महाविद्यालय में कर्मचारियों ने पुरजोर प्रदर्शन किया और काम बाधित कर अपनी आवाज को विश्वविद्यालय और राज्य सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया। वहीं प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष चितरंजन प्रसाद सिंह ने बताया कि सरकार और विश्वविद्यालय केवल कर्मचारियों को डरा धमका कर काम लेना चाहती है। इन्हें भय का डंडा दिखाकर शांत रखना चाहती है। जिसे हमारे सभी कर्मचारी भाई समझ चुके हैं ।और एकता के सूत्र में एकता के सूत्र मे बंधकर विरोध करते हैं और ऐसे और लोकतांत्रिक कार्य करने वाले विश्वविद्यालय और राज्य सरकार का हम विरोध करेंगे करते रहेंगे जब तक हमारे सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती है।
