आरा/भोजपुर (अमरेश सिंह)08 अगस्त।सिवान के टाउन हॉल में आयोजित हेनिमेनियन क्लीनिक के स्वर्ण जयंती समारोह में आदित्या एवं समूह के द्वारा नृत्य संरचना ‘गंगा’ की प्रस्तुति ने दर्शकों के हृदय को झंकृत कर दिया। डॉ. यतींद्र नाथ सिन्हा के उत्कृष्ट सेवा की 50वीं वर्षगांठ का यह समारोह सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा रहा।
आदित्या श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित नृत्य संरचना गंगा में गंगा की व्यथा को बखूबी प्रदर्शित किया। गंगा का संवाद ” लोगों को मोक्ष दिलाने वाली गंगा को मोक्ष दिलवाने क्या कोई भागीरथ आयेगा” ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। बतौर गंगा के अभिनय और नृत्य में आदित्या श्रीवास्तव की कला प्रतिभा ने नाटिका को जीवंत किया। सुंदर वस्त्र विन्यास व अभिनय भाव ने दर्शकों को बांधे रखा। अमित कुमार ने शिव की जटाओं में गंगा को धारण करने के प्रसंग को अपने नृत्य के माध्यम से आकर्षक बना दिया जिसपर दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट ने प्रस्तुति का अभिवादन किया।
इस नृत्य नाटिका में रविशंकर, शालिनी महाराज, खुशी कुमारी गुप्ता, हर्षिता विक्रम, संजना कुमारी, मीनाक्षी पाण्डेय व स्नेहा पाण्डेय ने भागीरथ की तपस्या से गंगा के अवतरण की कथा को कथक की खुशबू से सुगंधित किया। इस अवसर पर डॉ. यतींद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि इस नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भागीरथी प्रयास के लिये प्रेरित किया।भारतीय कला और संस्कृति का जन जागरूकता में महत्वपूर्ण स्थान है। गीत संगीत के माध्यम से कलाकार लोगों के हृदय को स्पर्श कर लेते हैं।

सभी कलाकारों को उड़ीसा प्रदेश के कटक क्षेत्र के आईजी आईपीएस अमितेन्द्र नाथ सिन्हा ने अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस नृत्य संरचना का काव्य लेखन व संगीत निर्देशन चर्चित कथक गुरु पंडित बक्शी विकास ने किया है। नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव व गुरु बक्शी विकास देश के कई महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ साथ बांग्लादेश व कनाडा में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। गुरु बक्शी विकास के द्वारा चार भाषाओं में तैयार किया गया गंगा महाआरती के संगीत पर 501 महिलाओं का नृत्य विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस नृत्य का निर्देशन भी गुरु बक्शी विकास ने किया है। हाल के दिनों में इस उपलब्धि को देश के बड़े बड़े संस्थानों ने यूपीएससी व बीपीएससी के लिये करेंट अफेयर में अध्ययन करवाया है।

