पानीपत/हरियाणा 12 जुलाई। आज इंडियन ऑयल रिफाइनरी पानीपत के रजत जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में कहा कि ये अवसर उत्सव के साथ-साथ आने वाले भविष्य की रूपरेखा रखने का भी है। बदलते वक्त के साथ हमें तकनीक को भी साथ लेकर चलना होगा। श्री मनोहर लाल ने कहा कि 6 मिलियन मीट्रिक टन से पानीपत रिफाइनरी की क्षमता 15 मिलियन मीट्रिक टन तक की गई और भविष्य में इसे 25 मिलियन मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। इंडियन ऑयल द्वारा स्थापित 7000 मीट्रिक टन का हरित हाइड्रो प्लांट क्षेत्र और समाज के विकास में अहम योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडियन ऑयल की रिफाइनरी के विस्तारीकरण के लिए 3 गांव की लगभग 350 एकड़ पंचायती जमीन मुहैया कराई जाएगी। रिफाइनरी के विस्तारीकरण के लिए सरकार के स्तर पर कोई भी कमी नहीं आने दी जाएगी। पानीपत रिफाइनरी का 3G एथेनॉल प्लांट विश्व का अपनी तरह का पहला प्लांट है।
प्रधानमंत्री की सोच और प्रेरणा के चलते स्थापित किया गया जैव ईंधन प्लांट प्राकृतिक रूप से बेहद लाभदायक है। पानीपत रिफाइनरी का 3G एथेनॉल प्लांट विश्व का अपनी तरह का पहला प्लांट है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली की खरीद के लिए सरकार ₹2500 प्रति एकड़ तक की सहायता दे रही है। आने वाले वक्त में हमें वेस्ट से वेल्थ की तरफ और भी आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने भी पीईटी बोतल के वेस्ट से बनी जैकेट पहनकर हर भारतीय को इस दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया है।
मनोहर लाल ने कहा कि पिछले 4 दिनों में औसत से अधिक बारिश के चलते हैं कुछ स्थानों पर जनजीवन पर प्रभाव पड़ा है। सरकार हर स्तर पर पानी से प्रभावित लगभग 239 गांव में राहत का काम कर रही है। उन्होंने इंडियन ऑयल प्रबंधन से अपील की कि इस वक्त आगे आकर इस दिशा में सरकार की मदद करे।
मुख्यमंत्री ने आज शुरू की गई परियोजनाओं के लिए भी संस्थान को बधाई दी। उन्होंने ब्रह्मसरोवर को स्वच्छ भारत अभियान के साथ जोड़ने पर प्रबंधन का धन्यवाद किया। वृक्षारोपण अभियान के अलावा डाक टिकट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन जैसे प्रोजेक्ट शुरू करने पर भी संस्थान को बधाई दी।

