पीएम राहत योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सभी अस्पतालों एवं थाना प्रभारियों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश।
सड़क के गड्ढों की मरम्मत, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई, यातायात नियंत्रण एवं वाहन जांच अभियान में तेजी लाने को कहा
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)24 अक्टूबर।उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सर्वप्रथम पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। इसके उपरांत जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार (PM-RAHAT) योजना की जानकारी उपस्थित पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के बीच साझा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों, सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तथा निजी अस्पतालों को योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
पीएम राहत योजना के तहत मोटर वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार सात दिनों तक उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती महत्वपूर्ण समय में घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपचार में देरी को रोकना है। आपातकालीन सहायता एवं एम्बुलेंस के लिए 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। योजना का लाभ निर्धारित प्रक्रिया एवं संबंधित अस्पताल की पात्रता के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं की संख्या तथा पीएम राहत योजना के तहत उपचार का लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
सड़क के गड्ढों की मरम्मत एवं अवैध पार्किंग हटाने का निर्देश
उपायुक्त ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों पर बने गड्ढों को दुर्घटनाओं का संभावित कारण बताते हुए रोड कंस्ट्रक्शन विभाग को निर्देश दिया कि सभी गड्ढों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी मरम्मत कराई जाए। उन्होंने थाना प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों के किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने तथा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, जहां सड़क दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है।
यातायात नियंत्रण के लिए डिवाइडर एवं रंबल स्ट्रिप लगाने की योजना तैयार करें
उपायुक्त ने शहर एवं आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता के अनुरूप प्लास्टिक आधारित डिवाइडर लगाने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सड़कों पर रंबल स्ट्रिप लगाने के लिए उपयुक्त स्थलों को चिह्नित करने को कहा, ताकि वाहन चालकों को गति नियंत्रित करने के लिए सचेत किया जा सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए कन्वेक्स मिरर का उल्लेख करते हुए उन्होंने आमजनों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग के लिए संबंधित विभाग नियमित रूप से आवश्यक जागरूकता गतिविधियां संचालित करें।
वाहन जांच अभियान चलाने एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश
उपायुक्त ने जिला परिवहन कार्यालय एवं सभी थाना प्रभारियों को समन्वय स्थापित कर लगातार वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने, निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने तथा सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में नियमानुसार जुर्माना एवं ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
स्कूल बसों में जीपीएस एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, जिनमें गैर-मान्यता प्राप्त अथवा गैर-संबद्ध विद्यालय भी शामिल हैं, के वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों एवं संबंधित विद्यालयी वाहनों में नियमानुसार जीपीएस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बस चालकों एवं कंडक्टरों का पूरा विवरण उपलब्ध रखा जाए तथा वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं अन्य आवश्यक नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान लंबित नहीं रहे
उपायुक्त ने हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि मुआवजा राशि के भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इस संबंध में प्राप्त सभी आवेदनों की नियमानुसार जांच करते हुए पात्र लाभुकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। संबंधित पदाधिकारी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
गुड समैरिटन को प्रोत्साहित करने एवं उनका रिकॉर्ड संधारित करने का निर्देश
उपायुक्त ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले गुड समैरिटन (राह-वीर) के महत्व पर चर्चा करते हुए निर्देश दिया कि सदर अस्पताल एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसके लिए अलग रजिस्टर संधारित किया जाए। दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों का आवश्यक रिकॉर्ड रखा जाए तथा पात्र गुड समैरिटन को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप मिलने वाले प्रोत्साहन एवं लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने के लिए आम लोगों को आगे आना चाहिए। ऐसे मददगार व्यक्तियों को अनावश्यक कानूनी परेशानी में नहीं डाला जाना चाहिए। गुड समैरिटन से संबंधित लागू नियमों के तहत उनकी पहचान, निजता एवं सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना टोल-फ्री नंबर 1933 पर दें
उपायुक्त ने नशे के अवैध कारोबार एवं मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आमजनों को जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती एवं इससे संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए भारत सरकार की MANAS हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 का उपयोग किया जा सकता है।
यह हेल्पलाइन नागरिकों को मादक पदार्थों से संबंधित सूचना गोपनीय रूप से साझा करने की सुविधा प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, आधिकारिक पोर्टल www.ncbmanas.gov.in के माध्यम से भी सूचना दी जा सकती है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध जागरूक होकर प्रशासन को सूचना उपलब्ध करा सकें।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी, यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन तथा दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। सभी संबंधित पदाधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी, सभी थाना प्रभारी सहित अन्य उपस्थित थे।

