उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित होगी जिला स्तरीय समिति, नियमित रक्तदान शिविरों एवं रक्त उपलब्धता की होगी प्रभावी निगरानी।
RKTV NEWS/गढ़व(झारखंड )13 जुलाई।झारखंड सरकार ने राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान को संस्थागत एवं अधिक प्रभावी स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रत्येक जिले में *”ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमेटी (BDAMC)”* के गठन का निर्णय लिया है। यह निर्णय माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप लिया गया है।
राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित यह समिति स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्त संग्रहण, उपयोग एवं भंडारण की नियमित समीक्षा करने तथा सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार किसी भी जिले की वार्षिक रक्त आवश्यकता उसकी कुल जनसंख्या का लगभग 1 प्रतिशत होती है। वहीं, झारखंड उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्वास्थ्य विभाग एवं स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) को निर्देशित किया है कि राज्य में 100 प्रतिशत रक्त संग्रह स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान झारखंड में 3,68,345 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जिसमें 3,798 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से 1,27,035 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। हालांकि विभिन्न जिलों में रक्त संग्रह एवं रक्तदान शिविरों के आयोजन में असमानता को देखते हुए एक संगठित एवं समन्वित व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके परिणामस्वरूप इस समिति के गठन का निर्णय लिया गया है।
समिति की संरचना
जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता उपायुक्त करेंगे। समिति में वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, समादेष्टा झारखंड सशस्त्र पुलिस,उप-विकास आयुक्त (उपाध्यक्ष), प्रमंडल वन पदाधिकारी, सिविल सर्जन (सचिव), सरकारी एवं निजी रक्त केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, आईएमए के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित हितधारकों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति की बैठक प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
समिति के प्रमुख दायित्व
समिति का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा। इसके अंतर्गत थैलेसीमिया, सिकल सेल एवं अन्य रक्त पर निर्भर मरीजों के लिए नियमित रूप से सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि जिले के सभी सरकारी एवं निजी रक्त केंद्रों में ट्रांसफ्यूजन ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (TTI) से संबंधित पांच अनिवार्य जांच—एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया एवं सिफिलिस निर्धारित मानकों के अनुसार अनिवार्य रूप से की जाए।
समिति जिले में रक्त एवं रक्त अवयवों की वार्षिक आवश्यकता का आकलन कर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप रक्त संग्रह सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेगी। साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का वार्षिक एवं मासिक कैलेंडर तैयार कर व्यापक जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेगी।
इसके अतिरिक्त, समिति eRaktKosh पोर्टल पर रक्त संग्रह, रक्त भंडारण एवं अन्य संबंधित आंकड़ों का नियमित एवं समयबद्ध अद्यतन सुनिश्चित करेगी। जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी रक्त केंद्रों में रक्त संग्रह, उपयोग एवं भंडारण की समय-समय पर समीक्षा कर सेवाओं की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने का कार्य भी करेगी। साथ ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, रक्त केंद्रों, चिकित्सा संस्थानों एवं अन्य संबंधित संगठनों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर रक्तदान सेवाओं को अधिक सुदृढ़, व्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में कार्य करेगी।
स्वैच्छिक रक्तदान को मिलेगा नया प्रोत्साहन
इस पहल का उद्देश्य राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को मजबूत बनाना, प्रत्येक जरूरतमंद मरीज तक समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा झारखंड की रक्तदान सेवाओं को अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाना है।
झारखंड सरकार ने सभी जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वैच्छिक रक्तदान अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर मानव जीवन बचाने के इस महाअभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करें।

