अवैध खनन पर उपायुक्त का सख्त एक्शन, बेंगाबाद के अरतोका में छापेमारी कर एक पोकलेन जब्त, प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश।
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)12 जुलाई। प्रशासन द्वारा जिले में अवैध खनन, अवैध उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सतत अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिले में अवैध खनन एवं अवैध उत्खनन के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत अरतोका क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवैध खनन गतिविधियों की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पोकलेन मशीन को जब्त करने तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध खनन, अवैध उत्खनन अथवा खनिज संसाधनों का अवैध परिवहन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खनन अधिनियम एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व की क्षति होती है, बल्कि पर्यावरण एवं स्थानीय पारिस्थितिकी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी, अंचल प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान संचालित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, जब्त वाहनों एवं मशीनों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई करते हुए दोषियों पर विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन एवं अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है। भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनन संबंधी किसी भी सूचना से प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

