
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )22 जून।जनहित परिवार साहित्य मंडल, आरा के तत्वावधान में शीतल टोला, आरा में भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व महासचिव, दिवंगत साहित्यकार बी. डी. सिंह की स्मृति में एक शोक सभा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संवेदना के स्वर : शब्दों का समागगम संपन्न हो गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार जगत् नंदन सहाय ने की। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कवयित्री डॉ. ममता मिश्रा ने अपनी ओजस्वी रचनाओं “यह है मेरा बिहार” और “द्रौपदी की पीड़ा” के पाठ से किया।
विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम संयोजक अतुल प्रकाश ने दिवंगत बी. डी. सिंह के कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्री सिंह की वर्ष 2011 में आलेख संग्रह “बिखरे मोती”, 2014 में समालोचनात्मक ग्रंथ “हिंदी काव्य गगन के अनमोल सितारे”, 2019 में “एक निबंध अनेक”, 2020 में काव्य संग्रह “काव्य मंजरी”, 2023 में “वाद दर्शन” तथा 2025 में “मानस के पुरुष पात्र” नामक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। श्री प्रकाश ने दिवंगत साहित्यकार के निधन पर शोक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।
काव्य पाठ सत्र में स्थानीय साहित्यकारों ने अपनी नवीन रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जगत् नंदन सहाय ने “बूंदों का समागम”, अरविंद सिंह ने “मन दर्पण”, अजय कुमार गुप्ता ने “कटु जो लगे”, राम पहलाद तिवारी ने “नए जमाने की औरत”, नंदकिशोर कमल ने अपनी हास्य रचना “चाय”, डॉ. किरण कुमारी ने “खुदबुदी चिरईया” तथा शरद कुमार सिंह ने “नौकरी वाला दामाद” शीर्षक कविता प्रस्तुत की।
सभा के समापन से पूर्व दिवंगत साहित्यकार बी. डी. सिंह जी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का मंच संचालन अतुल प्रकाश ने किया। आगत अतिथियों का स्वागत नंदकिशोर सिंह कमल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सुरेश प्रसाद ने प्रस्तुत किया।
