
RKTV NEWS/शिवहर(बिहार )01 मई। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और समाजसेवी डा अनिल सुलभ ने शुक्रवार को ज़िले के पिपराही बाज़ार थाना अंतर्गत अम्बा ओझा टोला गाँव में, पैर से लाचार युवक राजू ठाकुर को बैसाखी देकर पुनर्वासित किया। यह बैसाखी डा सुलभ के पटना स्थित इंडियन इंस्टिच्युट ऑफ हेल्थ एडुकेशन ऐंड रिसर्च, बेउर की ओर से प्रदान किया गया था।
इस अवसर पर आयोजित एक संक्षिप्त समारोह को संबोधित करते हुए डा सुलभ ने कहा कि पटना स्थित उनके संस्थान में गूँगे-बहरों और सुनने-बोलने से संबंधित सभी बीमारियों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। हकलाने-तुतलाने आदि बीमारियाँ पूरी तरह से ठीक की जा सकती हैं। नवजात-शिशुओं की जाँच कर के भी बताया जा सकता है कि शिशु सुन सकता है अथवा नहीं। जाँच के बाद उसे श्रवण-यंत्र लगाकार सुनने योग्य बनाया जा सकता है। बच्चा जब सुनने लगेगा तो बोलने भी लगेगा। वास्तव में जो जन्म-जात बहरे होते हैं, वही गूँगे हो जाते हैं। जिसने जीवन में कोई ध्वनि सुनी ही नहीं, वह भला कैसे बोल सकता है? बोलने के लिए सुनना आवश्यक है। और आज यह सब संभव है। अन्य तरह की विकलांगता का भी उनके संस्थान में उपचार होता है।
इस अवसर पर, शिक्षाविद विद्यापति झा, पारसनाथ मिश्र, रणजीत मिश्र, अमरनाथ झा, विकास झा ‘धिराज’, अरुण कुमार झा, सुनील कुमार झा, मनोज कुमार झा, जीतेश चौधरी, विक्रम झा आदि प्रबुद्धजन आदि उपस्थित थे।
