RK TV News
खबरें
Breaking News

सीएसआईआर-आईआईआईएम, जम्मू में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित किया गया।

आईपी 2026 सम्मेलन में औषधि मानकों को आगे बढ़ाने और दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए नियामक, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक साथ आए।
भारतीय भेषज संहिता आयोग ने सम्मेलन में मजबूत जन स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के लिए भेषजीय मानकों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

RKTV NEWS/नई दिल्ली 18 अप्रैल।भारतीय भेषज संहिता आयोग (आईपीसी) ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के सहयोग से 17 अप्रैल 2026 को सीएसआईआर-भारतीय समवेत औषध संस्थान (सीएसआईआर-आईआईआईएम), जम्मू में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर एक वैज्ञानिक सम्मेलन और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।
इस सम्मेलन में नियामक निकायों, शिक्षा जगत और दवा क्षेत्र के विशेषज्ञ एक साथ आए ताकि भेषज संहिता के मानकों में प्रमुख विकास और दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके।
उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने संबोधित करते हुए वैज्ञानिक और नियामक आवश्यकताओं में हो रहे बदलावों के अनुरूप भेषज मानकों को सुदृढ़ करने के महत्व में बताया। चर्चाओं में भारतीय भेषज संहिता की भूमिका पर बल दिया गया। यह देश भर में औषधियों के लिए एकसमान मानक बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण साधन है।
तकनीकी सत्रों में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 में हुए नवीनतम जानकारी पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें विनिबंधो का विकास और संशोधन, अशुद्धता मानकों को मज़बूत करना और आधुनिक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोणों को अपनाना शामिल है। इस विचार-विमर्श में नियामक परिप्रेक्ष्य, पादप औषधियों का मानकीकरण और सूक्ष्मजीवविज्ञानीय एवं रक्त संबंधी मानकों को मज़बूत करने जैसे विषयों को भी शामिल किया गया। यह औषधि गुणवत्ता प्रणालियों में सुधार की दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इस संवादात्मक सत्र ने हितधारकों को आईपी 2026 के कार्यान्वयन पहलुओं, उद्योग की तैयारियों और वैश्विक मानकों के साथ निरंतर तालमेल की आवश्यकता पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों ने नवीनतम मानकों को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए नियामकों, उद्योग और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस सम्मेलन में भारतीय भेषज संहिता आयोग (आईपीसी) की वैज्ञानिक प्रगति और हितधारकों की भागीदारी के माध्यम से भेषज संहिता मानकों को लगातार उन्नत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इससे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने में योगदान मिलेगा।

Related posts

प्रधानमंत्री ने गुजरात के दहेज में पेट्रोनेट एलएनजी के पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी।

rktvnews

मकर संक्रान्ति पर दही चूड़े का सामाजिक भोज!सामाजिक दायित्वों के निर्वहन से मिलती है आत्मिक तृप्ति : रघुपति यादव

rktvnews

अभिनेत्री अनुरेखा भगत: “मुझे शुरू में वॉचो एक्सक्लूसिव ‘स्टेट वर्सेस आहूजा’ सीरीज का हिस्सा बनने पर संदेह था, लेकिन…

rktvnews

सिवान:मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आहुत विभिन्न विभागों की समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी हुए शामिल।

rktvnews

उच्चतम वार्षिक ऋण संवितरण और मंजूरी को पार किया इरेडा ने।

rktvnews

रामनवमी महोत्सव से जुड़े लोगों का सम्मान कल -महासचिव शंभू चौरसिया

rktvnews

Leave a Comment