
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 अप्रैल।संगीत जगत की अनमोल रत्न और मशहूर पार्श्व गायिका आशा के निधन पर ‘प्रेम का सुसाज’ संस्था द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन मौलाबाग स्थित श्रेया म्यूजिक वर्ल्ड के कार्यालय में आयोजित हुआ।इस दौरान वक्ताओं ने आशा जी के संगीत में दिए गए अतुलनीय योगदान पर चर्चा की। मंच संचालन करते हुए शमशाद ‘प्रेम’ कहा कि आशा जी सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत का एक ऐसा संपूर्ण अध्याय थीं। उनका जाना सुरों के एक स्वर्णिम युग के अंत जैसा है।प्रधानाध्यापक सह गायक रमेश कुमार ने आशा जी के विशाल करियर के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि 82 वर्षों के फिल्मी सफर में 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने मो. रफी के साथ 900 और किशोर कुमार के साथ 600 गीत गाकर इतिहास रचा। नौ फिल्मफेयर समेत 100 से अधिक पुरस्कार उनकी महानता के प्रमाण हैं। कार्यक्रम में धर्मेंद्र कुमार ने मेरा मन दर्पण कहलाए…, रमेश कुमार ने चुरा लिया है तुमने जो दिल को…, शमशाद ‘प्रेम’ ने अभी ना जाओ छोड़ कर…और राजकुमार ने जाने चले जाते हैं कहां…गीत के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर संजीव शर्मा, सुनील कुमार, अनूप कुमार मिश्रा, ददन प्रसाद, श्रेया, सेजल समेत अन्य लोग मौजूद थे।
