
RKTV NEWS/मसौढ़ी(बिहार)12 अप्रैल।राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक दिवस पर प्रख्यात नाटककार सफदर हाशमी की जयंती के अवसर पर रविवार को गांधी मैदान में कला जागृति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नुक्कड़ नाट्य महोत्सव का शुभारंभ किया गया। महोत्सव के पहले दिन रंग उमंग, पटना की प्रस्तुति में नुक्कड़ नाटक ‘क्यों करें हम समझौता’ ने दर्शकों को गहराई से झकझोर दिया। नाटक में बेटियों के जीवन में होने वाले लगातार समझौतों को केंद्र में रखा गया। इसमें दिखाया गया कि किस तरह लड़कियों को अपनी पढ़ाई, करियर, पसंद और यहां तक कि आत्मसम्मान तक के मामलों में समझौता करना पड़ता है।
नाटक के माध्यम से यह भी उजागर किया गया कि शादी के नाम पर बेटियों की शिक्षा रोक दी जाती है और कई बार उनके साथ गलत होने पर भी उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर किया जाता है। कलाकारों ने समाज की उस मानसिकता पर सवाल उठाया, जहां बेटियों को बराबरी का अधिकार नहीं मिल पाता। नाटक का संदेश स्पष्ट था कि बेटियों को अपने फैसले खुद लेने की आजादी और समान अधिकार मिलना चाहिए। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक सत्य प्रकाश हैं। मंचन में नव्या मल्होत्रा, लालजी प्रसाद, अनोखी, अंश राज, सुजल, सुहाना, ऋषभ राज मल्होत्रा, सौरभ, भव्या मल्होत्रा, अनिकेत, सिद्धार्थ और सानवी कुमारी ने सशक्त अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा।
कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस उपमहानिरीक्षक सुशील कुमार व फुलवारी के पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने मसौढ़ी के रंगमंच की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कलाकारों ने नाटक, गीत और संगीत के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब वे डीएसपी के रूप में मसौढ़ी में पदस्थापित थे, तब यहां का माहौल उग्रवाद से प्रभावित था और लोग शाम के बाद घरों से निकलने में हिचकिचाते थे, लेकिन आज स्थिति काफी बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि मसौढ़ी का रंगमंच अब सशक्त होकर समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन गया है। कार्यक्रम में डीएस म्यूजिक कला केंद्र, मसौढ़ी के कलाकारों ने निदेशक ध्रुव कुमार के नेतृत्व में लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
साधना श्रीवास्तव को मिला सफदर हाशमी स्मृति सम्मान
प्रख्यात नाटककार सफदर हाशमी की जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन रविवार को पटना रंगमंच की सक्रिय रंगकर्मी साधना श्रीवास्तव को सफदर हाशमी स्मृति सम्मान 2025–26 से सम्मानित किया गया। समारोह में मसौढ़ी के चर्चित चिकित्सक वंशी नर्सिंग होम के डॉ. सूरज कुमार ने उन्हें सम्मानित किया। चयन समिति द्वारा सर्वसम्मति से साधना श्रीवास्तव के नाम का चयन किया गया था। वे लंबे समय से रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय हैं और पटना सहित बिहार व अन्य राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया है। हाल के दिनों में उनका नाटक “विदेसिया” विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत होकर सराहना बटोर चुका है। मौके पर राजीव रंजन, प्रोफेसर मधुबाला, सरोज भारती, आदि मौजूद थे।
