जयपुर/राजस्थान 26 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि सन्त शिरोमणी गुरू रविदास ने सामाजिक सद्भाव, अनेकता में एकता, असमानता के भेदभाव को दूर करने का संदेश दिया।
जूली सोमवार को अलवर जिले के ग्राम बीजवाड नरूका में बैरवा समाज की ओर से स्थापित श्री श्री 1008 सन्त शिरोमणी रविदास की मूर्ति स्थापना एवं अनावरण समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संत रविदास समाज सुधार के लिए कार्य करने के साथ समाज में असमानता को दूर करने, जातीय भेदभाव को दूर करने, शिक्षा को बढावा देने के अपने भक्तिभाव के साथ गुणों की खान थे। ग्रामीणों की मांग पर जूली ने रविदास मंदिर परिसर में लेन्टर एवं श्मशान घाट में टीनशेड लगवाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि मीरा बाई ने सामाजिक बंधनों की वर्जनाओं को तोडते हुए सन्त रविदास से दीक्षा लेकर उन्हें अपना गुरू बनाया था। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में विभिन्नता में भी एकता है। उनके गुणों, दोहे आदि के माध्यम से बताई गई शिक्षा को हमें ग्रहण करना चाहिए।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुना।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने सोमवार को अलवर में मोती डूंगरी स्थित कार्यालय में जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुना। जनसुनवाई में आए फरियादियों ने विद्युत, पेयजल आदि से संबंधित परिवेदनाएं मंत्री जूली को सौंपी जिस पर जूली ने संबंधित अधिकारियों को परिवेदनाओं के त्वरित निराकरण हेतु निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं विशेषकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आमजन को निरन्तर राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों को मिल सके इस उद्देश्य से जनसुनवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के कुशल नेतृत्व एवं प्रबन्धन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के जनकल्याण हेतु पारदर्शिता व निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन के काम किसी भी सूरत में नहीं रूकें, आमजन के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

