एफटीए पर चर्चा और बिहार के शीर्ष निर्यातकों को किया गया सम्मानित।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)12 मार्च।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा उद्योग विभाग, बिहार सरकार तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) के सहयोग से मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) एवं निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) पर केंद्रित मेगा निर्यात संवर्धन कार्यक्रम एवं निर्यातक सम्मेलन का आयोजन 12 मार्च 2026 को ताज सिटी सेंटर, पटना में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने हेतु इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IEC) जागरूकता अभियान भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बिहार सरकार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिपिन मेनन, अपर महानिदेशक, विदेश व्यापार, कुंदन कुमार, सचिव, उद्योग विभाग, बिहार सरकार, संपत कुमार, अपर महानिदेशक, विदेश व्यापार, तथा अंशुल गुप्ता, अपर आयुक्त (excise), निदेशक (MSME ) अमन समीर, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्यातक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बिहार के 28 स्टेटस होल्डर निर्यातकों को राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्यातकों को बधाई देते हुए राज्य के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने डीजीएफटी से बिहार में कार्यालय स्थापित करने का आग्रह किया तथा राज्य के लिए निर्यातक हितैषी और प्रभावी निर्यात संवर्धन नीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुंदन कुमार, सचिव, उद्योग विभाग ने बिहार में निर्यात की संभावनाओं तथा राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रस्तुति दी। उन्होंने राज्य के प्रत्येक जिले में एक्सपोर्ट हब विकसित करने की परिकल्पना साझा की, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिले और राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में निर्यात का योगदान बढ़ सके। उन्होंने बिहार के निर्यातकों से बिहार एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के गठन का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में निर्यातकों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। यह कार्यक्रम निर्यातकों को सरकार की योजनाओं, वैश्विक व्यापार अवसरों तथा निर्यात संवर्धन उपायों के संबंध में जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ नीति-निर्माताओं से संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

