
RKTV NEWS/औरंगाबाद ( बिहार)09 मार्च।देव प्रखंड स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर एवं सूर्यकुंड में आयोजित होने वाले चैती छठ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय के योजना भवन सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय एवं देव प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि देव का पौराणिक सूर्य मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां छठ पर्व के अवसर पर लाखों की संख्या में व्रती एवं श्रद्धालु जिले के साथ-साथ अन्य जिलों, राज्यों तथा दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचते हैं। इसलिए मेला के सफल आयोजन के लिए सुदृढ़ विधि-व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में बताया गया कि देव चैती छठ मेला 22 मार्च से 25 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं के ठहराव की व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में 05 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां टेंट, पंडाल, लाइटिंग, जनरेटर, दरी आदि की समुचित व्यवस्था विभिन्न संस्थानों, बैंकों एवं प्रशासनिक सहयोग से की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 48 स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए जाएंगे तथा आवश्यक स्थलों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही देव को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों की मरम्मत शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, विशेषकर महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नियंत्रण कक्ष, वालंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स की तैनाती के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति का गठन किया गया है तथा पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत एवं 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर जल टैंकर की भी व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर, 07 एंबुलेंस, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाइयां तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र में अग्निशमन वाहनों की तैनाती, सूर्यकुंड के पास लाइफ जैकेट, गोताखोर, जाल एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम की भी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि देव चैती छठ मेला 2026 का आयोजन सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धा-भक्ति के वातावरण में संपन्न हो सके।
