
आरा /भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)07 मार्च।शाहाबाद क्षेत्र के प्रख्यात गृहस्थ गुरु डॉ. शशि बाबा की पुत्री श्रिया विद्वान्स का विवाह IIM टॉपर निशांत पांडेय के साथ वाराणसी के चंद्रवाटिका में वैदिक रीति-रिवाज से भव्य समारोह में संपन्न हुआ। श्रिया दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा हैं। विवाह समारोह में देश-विदेश से आए अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
विवाह महोत्सव की अध्यक्षता राष्ट्रीय कुंवर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्षत्रिय कल्याण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल सिंह शक्रवार ने की। वहीं रामेश्वरपीठ के फाउंडर डॉ. शशि बाबा ने शिव की नगरी काशी में सनातन परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया।
समारोह के मुख्य अतिथि लंदन से आई गोल्डमैन सैक्स कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट वेल्मा थीं, जबकि अफ्रीका से आए हिमांशु त्रिपाठी सपत्नीक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत काशी के विद्वान पंडितों द्वारा शंखनाद से हुई, जिसके बाद पुरुषसूक्त और श्रीसूक्त के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह समारोह आगे बढ़ा।दीप प्रज्वलन वर पक्ष के समधी एवं बी.एड. कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.एम. पांडेय ने किया। इस अवसर पर पूर्व प्रिंसिपल शिवजी पाठक द्वारा रचित स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान अस्सी घाट की तर्ज पर गंगा आरती का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसे देखकर अतिथि भावविभोर हो उठे।
मेहमानों के लिए वाराणसी के प्रसिद्ध व्यंजनों—कचौड़ी, जलेबी, रबड़ी, मलाई और केसर दूध सहित सैकड़ों प्रकार के पकवान परोसे गए। विवाह समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें अमरेंद्र ओझा, गायिका पिंकी मिश्रा, पुरुषोत्तम मिश्रा, अंजलि गुप्ता और अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।
समारोह में प्रो. डॉ. बी.एम. पांडेय, रीता पांडेय, आचार्य डॉ. भारत भूषण पांडेय, प्रो. डॉ. घनश्याम, प्रो. डॉ. प्रवेश भारद्वाज, प्रो. दिवाकर पांडेय, कर्नल आदित्य देव पाठक सहित कई शिक्षाविद, अधिकारी, समाजसेवी और उद्यमी मौजूद रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में निर्मल सिंह शक्रवार ने कहा कि अपने 60 वर्षों के जीवन में उन्होंने इतनी भव्य और वैदिक परंपरा से संपन्न शादी पहले कभी नहीं देखी।
अंत में कन्या के पिता डॉ. शशि बाबा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विवाह केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और कन्यादान की परंपरा को साक्षी बनाने का अवसर है।
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी में अनीता त्रिपाठी और हिंदी में डॉ. दिवाकर पांडेय ने किया। संपूर्ण कार्यक्रम के व्यवस्थापक वरीय अधिवक्ता विनोद कुमार उपाध्याय और महेश्वर सिंह थे।
