हमारे हिंदुत्व को न्यूनतम शुल्क पर धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बचाने के लिए सबसे ज़्यादा योगदान किसी का है तो वो गीता प्रेस का है!इसे मजबूती देना हमारी भी जिम्मेवारी है:अजय सिंह
आरा/भोजपुर (अमरेश सिंह)19 जून।वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर को दिए जाने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए देश के उद्योगपति भारत प्लस एथनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीएमडी सह चर्चित समाजसेवी अजय सिंह ने गीता प्रेस, गोरखपुर को बधाई देते हुए उनके धार्मिक क्षेत्र में हिंदुओं को धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से न्यूनतम शुल्क या किताबों के प्रकाशन पर आए खर्च की तुलना में माने तो निःशुल्क रूप से हर आय श्रेणी वाले लोगो को जानकारी प्रदान करने की प्रशंसा करते हुए देश की जनता से गीता प्रेस के हाथों को मजबूत करने की भी अपील की है।अजय सिंह ने गीता प्रेस द्वारा अब तक 14 भाषाओं में लगभग 42 करोड़ पुस्तकों के प्रकाशन के साथ विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशक बनने और इनके द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में लगभग 16.5 करोड़ सिर्फ भागवत गीता के प्रकाशन पर प्रसन्नता और साथ ही संस्थान द्वारा आय अर्जित करने के लिए प्रकाशित पुस्तकों में विज्ञापनों को नही लेने को भी सराहनीय बताया।
उद्योगपति सह समाजसेवी सेवी अजय सिंह ने शांति और सामाजिक सद्भाव के गांधीवादी आदर्शों एवं सामूहिक उत्थान में अतुलनीय योगदान हेतु गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली निर्णायक मंडली के प्रति भी आभार व्यक्त किया।


हमारे हिंदुत्व को न्यूनतम शुल्क पर धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बचाने के लिए सबसे ज़्यादा योगदान किसी का है तो वो गीता प्रेस का है!इसे मजबूती देना हमारी भी जिम्मेवारी है:अजय सिंह