
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 दिसंबर।ब्रह्मपुर धाम स्थित श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम में आयोजित जीवन विज्ञान शिवर के दूसरे दिन आचार्य धर्मेन्द्र पूर्व कुलपति वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा ने कहा कि जीवन विज्ञान समर्थ , सफल, स्वस्थ जीवनशैली का प्रदाता है।जीवन विज्ञान हमें बताता है कैसे उठे, बैठे,चलें,कब क्या खाएं,कैसे खाएं,कैसे सोएं,कैसे उठे, कितना नींद लें, कैसे गहरी नींद लिया जा सकता आदि। श्वास कैसे लें, कितना श्वास लें, अर्थात श्वासन क्रिया कैसी हो। इतना ही जीवन विज्ञान यह भी बतलाता है कि सुन्दर , सुव्यवस्थित जीवन के लिए यह अनिवार्य है कि जीवन व्यवहार में पहले सुने , फिर समझें, फिर बोलने लायक हो तो बोलें नहीं तो मौन रहें। जीवन विज्ञान सत्यं, शिवम्,सुन्दरं, जीवनशैली का संविधान हैं।जो मनुष्य इसे अपना लेगा वह परमानंद की अनुभूति करने लगेगा। आचार्य जी ने यह भी कहा कि जीवन विज्ञान अध्यात्म और विज्ञान का सुन्दर समन्वय है। जीवन विज्ञान यह बतलाता है कि संयम सफल जीवन का मंत्र है, सफलता का सूत्र है, सूखी जीवन का राजपथ है।संयम ही जीवन है।
