देशी पौष्टिक व्यंजनों के प्रति लोगों का दिखा रुझान।

बाल कलाकार “दिशा कमल” ने कजरारे-कजरारे गीत पर फोक नृत्य प्रस्तुत कर लूटी दर्शकों की वाहवाहियां।

महिला उद्यमियों ने महज 9 दिनों में 11 करोड़ रुपए के किए व्यवसाय।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )21 दिसंबर।देशी अंदाज में हस्तशिल्प और लोक कलाकृतियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित बिहार सरस मेला ने राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक समाज में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है l मेला में अपने मनपसंद उत्पादों की खरीद के साथ ही अपने विरासत से रूबरू होने का शानदार अवसर होता है l सरस मेला के आयोजन का उद्देश्य है ग्रामीण शिल्प कला को बढ़ावा देना एवं बाज़ार उपलब्ध कराना l लिहाजा सरस मेला लोगों की कसौटी पर खरा उतर रहा है l बिहार समेत 25 राज्यों से आई ग्रामीण महिला उधमियों द्वारा बनाये गए ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को हर वर्ग और उम्र के लोग अपने जरुरत के हिसाब से खरीद रहे हैं l ग्रामीण उद्धमिता को बढ़ावा देने की दिशा में सरस मेला जीविका, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है l
रविवार को सरस मेला के प्रति लोगों की दीवानगी देखते ही बनी।सवा लाख से अधिक लोग आये और जमकर खरीददारी की।
आगंतुकों की बढती संख्या और मेला में बिक रहे उत्पाद और उनके प्रति लोगों का बढ़ रहा क्रेज इस बात का प्रमाण है कि लोग आधुनिकता से दूर गाँव की ओर लौट रहे हैं l हर उम्र के लोगों ने अपने मनपसंद उत्पादों की खरीद की और लज़ीज़ और देशी व्यंजनों का लुत्फ़ उठा रहे हैं l अपने संस्थानों, घरों और दुकानों को सवारने के लिए लोग ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को ही तरजीह दे रहे हैं l सरस मेले में लोगों का सबसे बड़ा रुझान ग्रामीण शिल्पकला की तरफ ही है l
यूँ तो सरस मेला में देशी हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों का क्रेज निरंतर ही बढ़ता रहा है और कई उत्पाद और व्यंजन आगंतुकों को अपनी और आकर्षित करते रहे हैं l इस वर्ष मेला में गर्म कपडे, दोहर, रजाई आदि की बिक्री जमकर हो रही है वहीँ भुट्टा स्वीट कॉर्न लोगों को लुभा रहा है l स्वीट कॉर्न की जमकर बिक्री हो रही है l इसी तरह खादी के परिधान , जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्पग्राम के स्टॉल पर सिल्क के परिधानों की मांग बढ़ी है l इसके साथ ही सिक्की कला, तंजोर कला, बावन बुट्टी , बम्बू कला समेत कई लोक कलाओं के आधार पर निर्मित शिल्प और उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है l
12 दिसंबर 25 से आयोजित बिहार सरस मेला में 9 दिनों में लगभग 11 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है l
रविवार को विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक, बिहार का भी सरस मेला में आगमन हुआ । मुख्य मंच पर उन्होंने नशा मुक्त बिहार कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं से नशा का त्याग करते हुए नशा मुक्त बिहार बनाने की अपील की।
सरस मेला का मुख्य मंच पर लोक कला एवं लोक नृत्य को समर्पित होता है l इस सांस्कृतिक मंच से बिहार की लोक संस्कृति को प्रोत्साहन के साथ कलाकरों को भी एक मंच प्रदान करना है l रविवार को अरुण और उनकी टीम ने बिहार के विरासत के विभिन्न लोक रंगों की प्रस्तुति नृत्य के रूप में की l नन्ही कलाकार दिशा कमल ने कजरारे-कजरारे गीत पर फोक नृत्य की प्रस्तुति कर दर्शकों की वाहवाही लुटी l इससे पूर्व जैक गिटार क्लासेज के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति ने सबको मोहा l मंच संचालन नाज़िश बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया l
आधुनिक परिवेश में नशा समेत अन्य सामाजिक कुरीतियों में लिप्त हो रहे छात्र- छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और मोबाइल आदि से दूर रहने हेतु जागरूक करने के उद्देश्य से यूथ परिवार सेवा समिति द्वारा मुख्य मंच पर नशे के अद्नकर से उजाले की और ले जाती एक मुहीम संकल्प की प्रस्तुति की गयी।
महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वाधान में विद्या केंद्र के कलाकारों ने बाल विवाह, दहेज़ उन्मूलन, यौन उत्पीडन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ , महिला सशक्तिकरण , महिला स्वरोजगार और साईबर सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई l नाद, पटना के कलाकारों द्वारा लोगों को पर्यावरण संतुलन के प्रतिजग्रुक करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति जारी रही l
सेमिनार कक्ष में जीविका के तत्वाधान में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा आयोजित पशु सखियों का क्षमतावर्धन कार्यशाला का समापन हो गया l 5 दिन तक चले कार्यशाला में सात सौ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को पशु प्रबंधन के गुर सीखाये गए l
मुख्य मंच पर प्रतिदिन संध्या समय में सरस मेला में अपने –अपने प्रदेश के शिल्प और व्यंजन को लेकर आई तीन महिला उद्यमी अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानी दर्शकों को सुना रही हैं l इस कार्यक्रम का संयोजन सोनल पटेल, ई_कॉमर्स , जीविका कर रही हैं l मंच संचलन आशा कुमारी ,परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया l

