
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 दिसंबर।महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो राजीव कुमार को दक्षिण बिहार प्रांत का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है।अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना,नई दिल्ली का तीन दिवसीय त्रयोदश राष्ट्रीय महाधिवेशन “भारतीय इतिहास, संस्कृति और संविधान” विषय पर श्री माधव जन सेवा न्यास, पट्टीकल्याणा, समालखा, हरियाणा में संपन्न हुआ।इसका शुभारम्भ आदरणीय डॉ.मोहन मधुकर भागवत के उद्वोधन से हुआ। देश भर से आए राष्ट्रवादी इतिहासकारों, प्राध्यापकों और शोधार्थीयों को संविधान के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि प्राचीन काल से अब तक राजा की भूमिका प्रजा और धर्म का संरक्षण करना है। लेकिन समय बदलने के साथ नियंत्रण के लिए और राजा को शक्ति देने वाली संस्था की आवश्यकता हुई,यही संविधान हैं। जो चलेगा धर्म के आधार पर ही, लेकिन मनुष्य के चित्त में आई विकृति के कारण अधर्म न हो, इसलिए संविधान लागू करने की आवश्यकता हुई। जब संविधान नहीं था तब भी भारत सुविधित रूप में एक धर्म प्राण देश के रूप में विश्व को ज्ञान से आलोकित कर रहा था।
भारत सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि विकृत मानसिकता से रचित इतिहास का पुनर्लेखन आवश्यक है। इस अवसर पर प्रो.राघवेन्द्र तंवर,प्रो.ईश्वर शरण विश्वकर्मा, देवी प्रसाद सिंह और गोपाल नारायण सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया। इसमें प्रो.ईश्वर शरण विश्वकर्मा को अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
इतिहास संकलन समिति, दक्षिण बिहार के प्रांतीय बैठक में डॉ.बालमुकुन्द पाण्डेय, संगठन सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के देखरेख में और प्रो.राजीव रंजन, राष्ट्रीय सचिव,डॉ सुरेश पाण्डेय, क्षेत्रीय सचिव, गोरक्षा और उत्तर-पूर्व क्षेत्र के उपस्थित में तथा डॉ निर्मल पाण्डेय, निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रो. राजीव कुमार को इतिहास संकलन समिति, दक्षिण बिहार का दोबारा अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।
