सांसद सुदामा प्रसाद ने शून्यकाल में उठाया सवाल, कहा बालू घाट के मजदूरों और ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई करने वाले बेरोजगार नौजवानों को बेवजह परेशान व प्रताड़ित करना बंद किया जाए।
आरा/ भोजपुर(डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 12 दिसम्बर।आज लोकसभा के शीतकालीन सत्र के शून्यकाल में आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने सोन नदी में अबैध बालू खनन, जिससे हो रहे राजस्व की हानी, बालू मजदूरों की मजदूरी व ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई करने वाले बेरोजगार नौजवानों की आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि भोजपुर, अरवल, पटना जिलों के किनारे से बहने वाली सोन नदी में अवैध बालू उत्खनन- सत्ता के संरक्षण में बे रोकटोक जारी है। सोन नदी की मुख्य धारा को बांधकर बालू माफियाओं ने नदी का प्राकृतिक स्वरूप और सौन्दर्य को पूरी तरह विकृत कर दिया है। नदी में पोकलैन व JCB से गहरे अवैध बालू खनन से नदी में नहाने वाले आये दिन डूबकर अपनी जान गँवाते हैं। दूसरी तरफ सोन नदी के दोनों तरफ गांव में पानी का स्तर बहुत नीचे भाग गया है, जिससे पीने के पानी का संकट बढ़ गया है। नदी के किनारे गांवों के पास बालू भंडारण के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ खड़े कर दिए गए हैं। जिससे खेती योग्य भूमि की उर्वरक क्षमता कम हो रही है। दूसरे राज्यों में सोने के भाव से सोन नदी के बालू से ओवरलोड ट्रकों से कुचल कर व धक्का लगने से लोगों की असमय मृत्यु हो रही है, रोड एक्सीडेंट करने वाले ये ट्रक बहुधा बिना चलान के बालू लादकर तेजी से ट्रक चलाते हैं। बालू घाटो पर काम करने वाले स्थानीय मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिलती और मजदूरी बढ़ाने की मांग करने पर उनपर प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से मुकदमा दर्ज कर उन्हे फँसाया जाता है।
दूसरी तरफ जो बेरोजगार नौजवान कर्जा या भाड़े पर ट्रैक्टर लेकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, बालू घाटो से वे अपने ट्रॅकटरों पर बालू लादकर भोजपुर के चट्टी बाजारों और दूर दराज के गावों मे बालू बेचते हैं। बालू माफियाओ के दबाव में प्रशासन और खनन विभाग की मिली भगत से उन्हे रोज दिन बेवजह प्रताड़ित और दंडित किया जा रहा है । उनके पास बालू घाट का चालान होने बावजूद उनके वाहनों को पकड़कर अन्यायपूर्ण और मनमाने ढंग से भारी भरकम जुर्माना देने के लिए बाध्य किया जाता हैं। भारी भरकम जुर्माना देने में अक्षम नौजवानों के ट्रैक्टर को सीज कर थाने में लगा दिया जाता हैं, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो रही है।
सांसद की सरकार से मांग
भोजपुर और आसपास के जिलों में अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु एक स्थायी व संयुक्त विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन व जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाए।
राजस्व हानि की भरपाई एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु दीर्घकालिक नीति बनाई जाए।
स्थानीय बेरोजगार नौजवानों के रोजगार की व्यवस्था किया जाए तथा बालू से प्राप्त राजस्व से बने डी. एम. फंड को स्थानीय गाँवों में शुद्ध पानी, शिक्षा स्वास्थ, रौशनी और नाली गली के पक्की करण में खर्च किया जाए।
बालू घाटो पर काम करने वाले मजदूरों को प्रति ट्रक 500 रुपये मजदूरी देने की गारंटी की जाए।
बालू घाट के मजदूरों और ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई करने वाले बेरोजगार नौजवानों को बेवजह परेशान व प्रताड़ित करना बंद किया जाए।
उक्त आशय की जानकारी सांसद के निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

