
RKTV NEWS/हाजीपुर (वैशाली)08 दिसंबर।वैशाली जिला के पातेपुर और जंदाहा प्रखंडों में अवस्थित बरेला झील सलीम अली पक्षी आश्रयणी का जल्द ही कायाकल्प होने जा रहा है। कार्य पूर्ण होते ही बरेला झील राज्य के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित हो जाएगा। इसको लेकर बरेला झील का निरीक्षण जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह के द्वारा किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्त्ता (आपदा), जिला भू- अर्जन पदाधिकारी , जन्दाहा व पातेपुर अंचलाधिकारी, पातेपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।
जिला पदाधिकारी द्वारा बरेला झील में बने वॉच टावर से झील का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्थल पर मौजूद पक्षी मित्रों की समस्याएँ को प्रमुखता से सुनी गई। स्थानीय मुखिया द्वारा बताया गया कि पक्षी मित्रों की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। जिला पदाधिकारी द्वारा पक्षी मित्रों को प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग करवाने के सम्बन्ध में अनुरोध किया गया। सभी वनरक्षी को निर्देश दिया गया कि नियम के तहत सुबह एवं शाम में क्षेत्र का भ्रमण करते हुए प्रवासी पक्षियों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। विदित है कि किसी भी वन्य प्राणी को पकड़ना, पालना , खरीदना, शिकार करना तथा उसके अंगों से बनी कोई भी चीजों का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है । इसके लिए ₹25000 जुर्माना और या 7 साल तक जेल हो सकती हैं।
जिला पदाधिकारी द्वारा वन रक्षी पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को विशेष निगरानी करने हेतु निर्देशित किया गया ।
बरेला झील में पहुंच पथ के लिए वर्तमान में भू-अर्जन की कार्यवाही की जानी है। दिनांक 10 दिसंबर को होने वाले भू-अर्जन के सीमांकन के लिए जनसुनवाई की तिथि निर्धारित है। जिला भूअर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जनसुनवाई में संबंधित रैयतों से आवेदन प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन तैयार करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बरेला झील से मुख्य मार्ग तक संपर्क सड़क के लिए भूमि का सीमांकन करते हुए उसके लिए भूमि अर्जन की प्रक्रिया करने का भी निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है कि अभी गाद और इनलेट एवं आउटलेट के जाम होने तथा समुचित जल प्रबंधन के अभाव में वेटलैंड में पर्याप्त जलस्तर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। अब सरकार की इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद वेटलैंड में पानी के प्रवाह को बढ़ाने और बनाए रखना आसान हो जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि बरैला आर्द्रभूमि का कुल क्षेत्रफल 1625.34 हेक्टेयर है, जिसमें से केवल 197.91 हेक्टेयर क्षेत्र को बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या 11/97-83E/15 दिनांक 28 जनवरी 1997 के तहत बरैला झील सलीम अली पक्षी अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया है। अधिसूचित क्षेत्र को 21 छोटे-छोटे पृथक खंडों में बंटा है। यह झील और इसके आसपास का क्षेत्र वनस्पतियों और जीवों की समृद्धि विविधता का घर है जिसमें प्रवासी पक्षियों की 59 प्रजातियां , स्थानीय पक्षियों की 106 प्रजातियां, 16 पेड़ प्रजातियां, 11 झाड़ीदार प्रजातियां और बहुत कुछ शामिल है। यह आर्द्र भूमि पक्षी विज्ञान मनोरंजन का केंद्र है यह कई प्रवासी और देशी पक्षियों के लिए आवास प्रदान करती है।
उल्लेखनीय हैं कि मुख्यमंत्री बिहार की प्रगति यात्रा के दौरान वैशाली जिला के भ्रमण के क्रम में बरेला झील सलीम अली पक्षी आश्रयणी के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु घोषणा की गई है।
समर्पित योजना प्रस्ताव में
1.वॉच टावर का निर्माण
2.एंट्रेंस प्लाजा
3. पार्किंग क्षेत्र का निर्माण
4. बच्चों का खेल उद्यान
5. पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास
6. नौका विहार की सुविधा का विकास जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं सम्मिलित है।
उल्लेखनीय है कि इस योजना निर्माण के बाद बरेला झील बिहार के नेचर एवं वाइल्ड लाइफ सर्किट में न केवल सम्मिलित होगा बल्कि पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होगा। साथ ही इस क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा तथा प्राकृतिक संसाधनों , पक्षियों की सुरक्षा समृद्ध होगी।
