
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)06 दिसंबर।वित्तीय सेवा विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “आपकी पूँजी — आपका अधिकार” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत आज आरसेटी जामा, दुमका परिसर में एक व्यापक जागरूकता एवं सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को Unclaimed Financial Assets की खोज, सत्यापन एवं दावा निपटान प्रक्रिया से अवगत कराना एवं उन्हें उनका वैध धन प्राप्त कराने में सहायता प्रदान करना था।
अभियान की अवधि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच संचालित की जा रही है। इसी क्रम में दुमका जिले में अब तक ₹2.75 करोड़ की अदावाकृत राशि का सफलतापूर्वक निपटान किया जा चुका है, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शिविर में 90 से अधिक नागरिकों एवं खाताधारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को उनकी अदावाकृत जमाओं एवं अन्य दावों से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिन लाभार्थियों के दावे निपटान किए गए, उन्हें मौके पर ही दावा निपटान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर उपस्थित नागरिकों को उनकी अदावाकृत संपत्तियों की स्थिति जांचने, दावा दायर करने की प्रक्रिया समझने तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने में सीधी मदद मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नजीर ऊमर अंसारी, आईएएस प्रशिक्षु, दुमका उपस्थित रहे। उन्होंने भारत सरकार की इस पहल को वित्तीय सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताते हुए कहा कि यह अभियान नागरिकों को उनके वित्तीय अधिकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से इंडियन बैंक, मंडलीय कार्यालय देवघर के मुख्य प्रबंधक उदय कुमार पाण्डेय,स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रीजन-1 की क्षेत्रीय प्रबंधक निशी प्रभा,एलआईसी दुमका शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार,आरसेटी जामा दुमका के निदेशक एम्मेनुएल आशीष अनुराग सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला समन्वयक एवं बड़ी संख्या में खाताधारी उपस्थित थे।
अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि दुमका जिले के 12 बैंकों में कुल 77,734 अनक्लेम्ड खाते हैं, जिनमें ₹36.75 करोड़ (31 अगस्त 2025 तक) की राशि जमा है। उन्होंने कहा कि इन खातों के त्वरित एवं पारदर्शी निपटान हेतु बैंक एवं DFS मिलकर प्रक्रिया को सरल एवं तेज बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने नागरिकों को DEAF (Depositor Education and Awareness Fund), अप्रचालित खातों से संबंधित नियमों, जमा राशि की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों, Unclaimed Assets की खोज एवं Claim Filing की प्रक्रिया तथा उपभोक्ता अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक उदय कुमार पाण्डेय ने इस पहल को नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सरकारी खातों में भी बड़ी मात्रा में अदावाकृत राशि जमा है, जिसे संबंधित विभागों के सहयोग से प्राथमिकता के आधार पर दावाकृत कर वापस कराया जाना चाहिए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने अदावाकृत खातों की जानकारी प्राप्त करें तथा आवश्यक दस्तावेजों—आधार, पैन आदि के साथ निकटतम बैंक शाखा से संपर्क कर अपना दावा शीघ्र निपटाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
शिविर के सफल आयोजन ने दुमका जिले में वित्तीय जागरूकता एवं अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया है। भारत सरकार एवं वित्तीय संस्थाओं द्वारा आगे भी इसी प्रकार के व्यापक शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक नागरिक अपनी अदावाकृत पूंजी को वापस प्राप्त कर सकें।
