बिहार में चल रहे बुलडोजर अभियान के खिलाफ आरा सासंद ने लोकसभा में किया प्रदर्शन व सदन में उठाया सवाल।
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 दिसंबर।बिहार में चल रहे बुलडोजर अभियान के खिलाफ आरा सासंद ने लोकसभा में प्रदर्शन किया व सदन में शून्यकाल के दौरान सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि अत्यंत गंभीर और तात्कालिक विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। सरकार रोजगार देने के जगह पर आत्मनिर्भर बनने की बात करती है, परंतु बिहार में क्या चल रहा है? सरकार के रोजगार नहीं देने पर लोग कर्ज लेकर ठेला फूटपाथ पर लगा कर अपना और परिवार का जीवन यापन कर रहे थे। लेकिन नई सरकार बनने के बाद राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर अभियान में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से दलित, गरीब, फुटपाथ दुकानदार और छोटे व्यवसायी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। पटना शहर के न्यू मार्केट, महावीर मंदिर, वीणा सिनेमा, दक्षिण बुद्ध पार्क, दीघा हाट, जगदेव पथ, कारगिल चौक, चितकोहरा बाजार, मंगलेश रोड से सचिवालय तक, चूल्हाई चक और गोरिया टोली जैसे क्षेत्रों में 50–50 वर्षों से बसे गरीब परिवारों के घर और रोज़गार स्थल एक झटके में ध्वस्त किए जा रहे हैं। यह न केवल न्याय और मानवीय गरिमा के खिलाफ है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का भी गम्भीर उल्लंघन है।
पटना में सर्वेक्षित फुटपाथ दुकानदारों को भी अतिक्रमण के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। नगर निगम द्वारा विधिवत वेंडिंग पहचान-पत्र जारी किए जाने और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत दस हजार से पचास हजार रुपये तक के ऋण प्रदान किए जाने के बावजूद, इन दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, ठेले-खोमचे जब्त किए जा रहे हैं, और उन्हें जबरन हटाया जा रहा है। यह स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने यह मांग किया कि इस बुलडोजर कार्यवाई को तत्काल रोका जाए और दुकान लगाने की जगह निर्धारित किया जाए ताकि रोज काम कर खाने वाले परिवार पर कोई आंच न आए।
उक्त जानकारी सांसद के निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

