
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 नवंबर। बुधवार को स्नातकोत्तर भूगोल विभाग, महाराजा कॉलेज, आरा द्वारा प्रो. एस. के. सिन्हा स्मृति ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला के 20वें सत्र का सफल आयोजन बुधवार को किया गया। इस सत्र की विशिष्ट वक्ता थीं- डॉ. (कुमारी) निशा रानी, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर भूगोल विभाग,बी.डी. कॉलेज, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना।कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. कनक लता कुमारी ने किया। उन्होंने विभाग के निरंतर शैक्षणिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन संबंधी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निशा रानी ने प्राकृतिक एवं मानव-जनित आपदाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने भूकंप, बाढ़, सूखा, चक्रवात, भूमि क्षरण तथा अनियंत्रित बालू खनन जैसी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रस्तुत किए गए मानचित्रों और दृश्य सामग्रियों की सहायता से बताया कि बिहार अपनी भौगोलिक स्थिति, उच्च जनसंख्या घनत्व और कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था के कारण देश के सबसे अधिक आपदा-प्रभावित राज्यों में से एक है।वक्ता ने आपदा प्रबंधन के चार चरणों—तैयारी, शमन, प्रतिक्रिया और पुनर्वास—को विस्तारपूर्वक समझाते हुए शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी एवं प्रशासनिक तत्परता की भूमिका पर जोर दिया।
इस ऑनलाइन व्याख्यान में 100 से अधिक प्रतिभागियों—शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों—ने उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज की।उपस्थित प्रमुख अतिथियों में डॉ. रमेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. मोनिका सिंह और डॉ. सुधीर कुमार शामिल थे। सभी अतिथियों ने इस विषय को अत्यंत प्रासंगिक और उपयोगी बताया।
आयोजन के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने विशिष्ट वक्ता का परिचय कराते हुए विषय की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए तथा कहा कि—
“आपदा केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि हमारी तैयारी की परीक्षा होती है। आयोजन सचिव डॉ. द्वीपिका शेखर सिंह ने सभी प्रतिभागियों एवं वक्ता का आभार व्यक्त किया ।कार्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु डॉ. अरविंद कुमार सिंह और क़िसलय कलश ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।अंत में प्रतिभागियों के साथ एक उपयोगी प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।वेबिनार के अंत में डॉ विशाल देव ने धन्यवाद ज्ञापन किया l
