पांच दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शानदार समापन, हजारों की संख्या में आमजन बने साक्षी।
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)15 नवंबर।झारखंड राज्य की स्थापना के 25वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चतरा जिले में 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम श्रृंखला का शानदार समापन शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चतरा में हुआ।
हजारों की उपस्थिति में संपन्न इस समारोह में जनभागीदारी, उत्साह और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इसे जिले के इतिहास का यादगार आयोजन बना दिया।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह, चतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनार्दन पासवान, झारखंड राज्य के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, उपायुक्त कीर्तिश्री, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी और उपाध्यक्ष ब्रिज किशोर तिवारी समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
मंच पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों—उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी मुकेश कुमार, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम और अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सन्नी राज की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बनाया।
जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
मुख्य समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने स्वागत गीत, नृत्य, नाटक और गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इटखोरी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हंटरगंज और लावालौंग, नाजरेथ विद्या निकेतन, जवाहर नवोदय विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कन्या सिंघानी, रा.सं.बा.+2 उच्च विद्यालय चतरा तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
दर्शक दीर्घा से उठती तालियों की गड़गड़ाहट ने बच्चों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया। इसी क्रम में जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा अधिसूचित पर्यटक स्थलों पर आधारित फिल्म और जिला प्रशासन द्वारा विकसित लोकसेतु पोर्टल की सरल प्रक्रियाओं पर निर्मित फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे आमजन, अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने विशेष रूप से सराहा।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड आंदोलन के वीर आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को झारखंड स्थापना दिवस-2025 पर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पांच दिवसीय कार्यक्रमों के दौरान आयोजित रन फॉर झारखंड, साइकिल रैली, चित्रांकन, रंगोली, नृत्य, नाटक, वाल पेंटिंग और अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा पशुपालन, मत्स्य, डेयरी विकास, मिट्टी संरक्षण, श्रम, स्किल डेवलपमेंट, नगर परिषद, समाज कल्याण, आपूर्ति एवं कल्याण विभाग से जुड़े लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र व परिसंपत्तियों का भी वितरित किए गए।
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त कीर्तिश्री ने झारखंड स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 15 नवंबर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारे संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को राज्य स्थापना के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि झारखंड की आत्मा उसकी विविधता, संस्कृति, लोक जीवन और सामूहिक श्रम की परंपरा में बसती है। उपायुक्त ने चतरा जिले की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूत नादिर अली खान और जय मंगल पांडेय के योगदान को नमन किया तथा झारखंड निर्माण आंदोलन में सक्रिय रहे चतरा के सभी आंदोलनकारियों का अभिनंदन किया।
उन्होंने अपने संबोधन में पिछले वर्षों में जिले में हुए विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि चतरा जिला आज केवल एक आकांक्षी जिला भर नहीं, बल्कि राज्य का एक उभरता हुआ प्रगति मॉडल बन चुका है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन योजना ने हजारों परिवारों को नई मजबूती दी है, वहीं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना ने बालिकाओं की शिक्षा को नई दिशा प्रदान की है।
आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय के पुनर्वास और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रखंडों में शिविर लगाकर प्रमाणपत्र, लाभ योजनाएँ और मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जो समावेशी विकास की मिसाल है।
उपायुक्त ने शिक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य गठन के समय जिले में 714 विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर 1569 हो चुकी है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों और झारखंड आवासीय कन्या विद्यालयों में 5430 छात्राएँ शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उच्च शिक्षा के लिए 3 सरकारी कॉलेज और 4 सरकारी ITI, तथा CM Saarthi Yojana के माध्यम से युवाओं के लिए व्यापक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में मनरेगा, PMEGP, JSLPS जैसे कार्यक्रमों से हजारों युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। JSLPS द्वारा संचालित इटखोरी प्रखंड का धनखेरी CLF देशभर में आत्मनिर्भर संगठन पुरस्कार 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त कर चुका है, जो चतरा जिले के सामाजिक-आर्थिक उत्थान का उदाहरण है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत 15 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले में अब तक करीब 3 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं और DMFT द्वारा डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य पदों पर बहाली से स्वास्थ्य ढांचा और मजबूत हुआ है। चतरा सदर अस्पताल में Renal Care एवं Dialysis Centre की स्थापना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और जल जीवन मिशन के माध्यम से हजारों परिवारों को पक्के घर, सड़क और पेयजल की सुविधा प्रदान की गई है। कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि उद्यम मेला’ और ‘Buyers–Sellers Meet’ आयोजित कर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ा गया है।
समारोह में सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि चतरा जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रयासों से विकास की नई गति प्राप्त कर रहा है और झारखंड स्थापना दिवस हमारे लिए आत्मसम्मान, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। विधायक जनार्दन पासवान ने जिले के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सामुदायिक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि चतरा की नई पहचान अब शांति, विकास और समृद्धि से जुड़ रही है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में उपायुक्त ने समस्त जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा हजारों की संख्या में उपस्थित चतरा वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया और जिले को समावेशी विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत से पूर्व मंचासीन गणमान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने झारखंड के जननायक भगवान बिरसा मुंडा एवं महान संघर्ष-पुरुष शिवू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान और शिवू सोरेन का संघर्ष झारखंड की पहचान, अस्मिता और स्वतंत्रता की चेतना का आधार रहा है।आज का यह कार्यक्रम जनभागीदारी, सांस्कृतिक विविधता और विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर आयोजित किया गया।

